वीडियो के चक्कर में खतरे से सामना, हाथियों ने दौड़ाया
Chasing a video leads to danger; elephants gave chase.

कोरबा: जिले के कुदमुरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कलमीटिकरा के जंगल में हाथियों को देखने और उनका फोटो-वीडियो बनाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हाथियों के करीब पहुंचकर वीडियो बनाने की कोशिश एक ग्रामीण पर भारी पड़ गई। झुंड के अत्यधिक नजदीक पहुंचने और कथित रूप से छेड़छाड़ करने के दौरान हाथियों के आक्रामक होने से युवक घायल हो गया।
घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों को उकसाने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वन मंडल कोरबा के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में जिलगा से लगे ग्राम कलमीटिकरा के जंगल में इन दिनों नौ हाथियों का दल विचरण कर रहा है। दल में एक नर, छह मादा और दो शावक शामिल हैं। हाथी अपने प्राकृतिक आवास में सामान्य रूप से विचरण कर रहे हैं, लेकिन उन्हें देखने और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाने की होड़ से लगातार खतरे की स्थिति बन रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगल में हाथियों के मौजूद होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग पेड़ों पर चढ़कर मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, जबकि कुछ लोग हाथियों के काफी करीब पहुंच गए। इसी दौरान ग्राम कलमीटिकरा निवासी किरण कुमार राठिया, पिता रामसिंह राठिया, उम्र 30 वर्ष हाथियों के झुंड के अत्यधिक नजदीक पहुंच गए। इससे हाथी आक्रामक हो गए और उनकी चपेट में आने से किरण कुमार के हाथ में गंभीर चोट आई।
हालांकि घटना में उनकी जान बच गई। घटना के बाद शाम करीब सात बजे घायल किरण कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करतला पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने घायल के स्वजन को तत्काल राहत के रूप में दो हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की।
छेड़छाड़ से आक्रामक हो सकते हैं हाथी
वन विभाग ने बताया कि हाथियों को डराने, उनके आसपास शोर मचाने या उन्हें उकसाने से उनके व्यवहार में बदलाव आ सकता है। बार-बार परेशान किए जाने से हाथियों में तनाव बढ़ने और उनके मनुष्यों के प्रति आक्रामक होने की आशंका रहती है। इसका खतरा केवल हाथियों के पास जाने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी इसका सामना करना पड़ सकता है। हाथियों के रास्ते में बाधा डालना या उनके झुंड के करीब पहुंचना गंभीर जोखिम है। हाथियों के साथ शावक भी मौजूद हैं, ऐसे में उनके आसपास जाने पर झुंड के अधिक आक्रामक होने की संभावना रहती है। वन विभाग ने बताया कि पूर्व में रायगढ़ वन मंडल में इस तरह की हरकत करने वाले दो ग्रामीणों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है।
थर्मल ड्रोन से हो रही झुंड की निगरानी
मानव-हाथी द्वंद को रोकने के लिए वन विभाग लगातार निगरानी और जनजागरूकता अभियान चला रहा है। थर्मल ड्रोन की सहायता से हाथियों के दल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। गज संकेत अनुप्रयोग के माध्यम से हाथियों की स्थिति और संभावित आवाजाही की जानकारी साझा की जा रही है। संवेदनशील गांवों के लोगों को समय पर सतर्क करने के लिए सूचना समूह बनाए गए हैं। हाथी मित्र दल 24 घंटे क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है। हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील मार्गों पर अस्थायी अवरोधक भी लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग झुंड के करीब न पहुंच सकें।
अपनी जान जोखिम में न डालें
वन विभाग ने क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि हाथियों के पास बिल्कुल न जाएं और फोटो या वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। हाथियों को उकसाने, उनके आसपास शोर मचाने या उनके रास्ते में बाधा उत्पन्न करने से बचें। विभाग ने लोगों से शराब के नशे में या किसी भी तरह की लापरवाही के साथ हाथियों के नजदीक नहीं जाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में शांतिपूर्वक विचरण करने दिया जाए। ग्रामीण हाथियों की मौजूदगी या उनकी आवाजाही की जानकारी मिलने पर वन विभाग और हाथी मित्र दल को तत्काल सूचना दें तथा विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।
वर्जन
समझाइश देने के बाद भी लोग हाथियों को देखने के लिए जंगल पहुंच जाते हैं। हाथियों से छेड़छाड़ न केवल संबंधित व्यक्ति, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बन सकती है। लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण में विभाग का सहयोग करने और अपनी व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है।
सूर्यकांत सोनी, उप वनमंडलाधिकारी, कोरबा



