प्रधान पाठक की कथित अनुपस्थिति से बदहाल हुई स्कूल की व्यवस्था एक शिक्षक के भरोसे चल रहा विद्यालय, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
School operations in disarray due to the alleged absence of the head teacher; the school is running with only one teacher, impacting the children's education.

स्थानीय लोग एवं विद्यार्थियों का आरोप– सत्र शुरू होने के बाद केवल दो दिन आए विद्यालय, डीईओ बोले– जानकारी मिली है, जांच कर नोटिस जारी करेंगे

बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) वाड्रफनगर विकासखंड के संकुल केंद्र मुरलीगंज अंतर्गत प्राथमिक शाला ढोलपखना-ब में पदस्थ प्रधान पाठक बिल्हा चंद पटवर्धन पर नियमित रूप से विद्यालय नहीं आने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोग एवं विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बाद से अब तक प्रधान पाठक केवल दो दिन ही विद्यालय पहुंचे हैं। उनकी कथित अनुपस्थिति के कारण विद्यालय का संचालन प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है।

विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के अनुसार प्रधान पाठक के नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने के कारण पूरे विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी एक शिक्षक पर आ गई है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों का भी अतिरिक्त भार होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने भी बताया कि प्रधान पाठक अधिकांश दिनों में विद्यालय नहीं आते हैं।
इस संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा, “मुझे अभी आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद संबंधित प्रधान पाठक को नोटिस जारी किया जाएगा।”
जिला शिक्षा अधिकारी के इस बयान से विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद यदि विद्यालय में प्रधान पाठक की कथित अनुपस्थिति की जानकारी उच्च अधिकारी तक नहीं पहुंची, तो यह निरीक्षण और मॉनिटरिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रधान पाठक के विरुद्ध विभाग क्या कार्रवाई करता है।



