छत्तीसगढ़

कंटेनर की रफ्तार, छात्रा की किस्मत ने बचाई जान

The speed of the container, the luck of the student saved her life.

महासमुंद: शहर में मंगलवार को शाम बरौंडा चौक में स्कूल की छुट्टी के बाद एक छात्रा घर लौट रही थी। शाम करीब 5:02 बजे सड़क पार करते समय वह एक कंटेनर की चपेट में आ गई, जिसमें छात्रा को सामान्य चोटें आई है। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की सांसें थम गईं।

मौके पर ड्यूटी पर तैनात आरक्षक फलेश वर्मा और विजय साहू ने तत्काल सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थानीय लोगों की मदद से कंटेनर के नीचे फंसी छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते राहत मिलने से छात्रा की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शहर में स्कूल खुल गए हैं और सुबह-शाम बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल समय के दौरान शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। हुए एक हादसे के बाद और मुखर हो गई। नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कंटेनर, ट्रक और अन्य भारी वाहनों की नो-एंट्री सख्ती से लागू करने की मांग की है।

नो-एंट्री नियम का उल्लंघन है खतरे का संकेत

घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि प्रतिदिन हजारों बच्चे पैदल, साइकिल और अन्य साधनों से स्कूल आते-जाते हैं, ऐसे में भारी वाहनों का प्रवेश उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग से स्कूल समय में प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने तथा नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उनका कहना है कि बरौंडा चौक की घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।

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