विश्व आदिवासी दिवस पर गरियाबंद पहुंचे संजय सिंह, जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा
Sanjay Singh reached Gariaband on World Tribal Day, cornered the government on the issue of water, forest and land.
लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर गरियाबंद में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहुंचे। अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के बैनरतले आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की। वहीं पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार पर जमकर निशाना साधा। हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई से लेकर पेसा कानून और आदिवासियों की जमीन के अधिकार का मुद्दा उठाते हुए संजय सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र को प्रदेश का फेफड़ा कहा जाता है, लेकिन हसदेव क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि हसदेव इलाके में साढ़े चार लाख पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है। संजय सिंह ने पेसा कानून का भी हवाला दिया, उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना आदिवासियों की जमीन लेने का अधिकार किसी को नहीं है। उनके मुताबिक आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून में स्पष्ट प्रावधान हैं। वहीं संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार पर भी तीखा हमला बोला। आरोप लगाया कि सरकार अडानी के हाथों में बंधक बन गई है, उन्होंने साफ कहा कि आदिवासी हितों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जो भी लड़ाई होगी, उसमें वे आदिवासी समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। वहीं संजय सिंह ने आदिवासी समाज के महापुरुषों को सम्मान देने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आदिवासी समाज के महानायकों और महापुरुषों को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भगवान बिरसा मुंडा समेत आदिवासी समाज के अन्य महापुरुषों के लिए भारत रत्न की घोषणा करने की मांग की।


