बीएसपी में मैटेरियल्स मैनेजमेंट डे के अवसर पर “रिइमैजिनिंग लीडरशिप इन द ऐज ऑफ एआई” विषय पर संगोष्ठी आयोजित
BSP organizes symposium on “Reimagining Leadership in the Age of AI” on the occasion of Materials Management Day

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात भवन में दिनांक 23 अप्रैल 2026 को मैटेरियल्स मैनेजमेंट विभाग (एमएम) एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैटेरियल्स मैनेजमेंट (आईआईएमएम), भिलाई चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में “रिइमैजिनिंग लीडरशिप इन द ऐज ऑफ एआई” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईआईएमएम के स्थापना दिवस “मैटेरियल्स मैनेजमेंट डे” के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन), सेल कॉर्पोरेट कार्यालय एवं पूर्व निदेशक (कार्मिक), शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, श्री सुरिंदर पाल सिंह जग्गी रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए.के. चक्रवर्ती ने मुख्य अतिथि का औपचारिक स्वागत करते हुए उद्घाटन संबोधन दिया। अपने उद्बोधन में कार्यपालक निदेशक (एमएम) श्री ए.के. चक्रवर्ती ने गत वर्ष मैटेरियल्स मैनेजमेंट विभाग की उपलब्धियों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने भविष्य में कार्य की बढ़ती मात्रा को ध्यान में रखते हुए एआई, सूचना प्रौद्योगिकी एवं रोबोटिक्स जैसे तकनीकी हस्तक्षेपों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके पश्चात आईआईएमएम के महासचिव श्री सुकांत प्रधान द्वारा कार्यक्रम की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री सुरिंदर पाल सिंह जग्गी ने नेतृत्व की अवधारणा को एआई के संदर्भ में पुनर्परिभाषित करते हुए कहा कि सहानुभूति, संवाद, सहयोग, मार्गदर्शन एवं वार्ता कौशल जैसे मानवीय गुण सदैव प्रासंगिक रहेंगे तथा इन पर एआई का न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेतृत्व पदानुक्रम से स्वतंत्र होता है और इसे निरंतर विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सैम मानेकशॉ, सत्या नडेला एवं नेल्सन मंडेला जैसे महान लोगों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया।
उन्होंने दैनिक कार्यशैली में समय के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए अनावश्यक बैठकों से बचने की आवश्यकता बताई तथा कौशल विकास की प्रक्रिया को “अचेतन अयोग्यता से अचेतन दक्षता” की यात्रा के रूप में समझाया। साथ ही, उन्होंने अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे एक मूर्ति निर्माण प्रक्रिया के समान बताया, जिसमें अनावश्यक भागों को हटाकर उत्कृष्ट स्वरूप प्राप्त किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि एक सफल नेता के लिए मानवीय संवेदनशीलता, नवाचार की भावना, प्रयोगधर्मिता, कठिन परिस्थितियों में धैर्य एवं संतुलन अत्यंत आवश्यक गुण हैं।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मार्केटिंग) श्री एन.वी. सुब्बाराव ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए उनके विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सहायक महाप्रबंधक (एमएम) श्री प्रतीश जगताप द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (मार्केटिंग) श्री एन.वी. सुब्बाराव, मुख्य महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन) श्री के.सी. मिश्रा, आईआईएमएम के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक प्रभारी (पर्चेस) श्री एम.के. कुलकर्णी, महासचिव एवं महाप्रबंधक (पर्चेस) श्री सुकांत प्रधान, कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रबंधक (पर्चेस) श्री बी.एस. चंदेल, उप प्रबंधक (एमएम) श्री विकास सिन्हा सहित सामग्री प्रबंधन एवं सी एंड आईटी विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
यह संगोष्ठी एआई के बदलते परिदृश्य में नेतृत्व की नई अवधारणाओं को समझने एवं तकनीक एवं मानवीय मूल्यों के संतुलित समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई।


