बीज राखियों से सजेगा रक्षाबंधन, स्नेह के साथ मिलेगा हरियाली का संदेश
Raksha Bandhan to be adorned with seed rakhis; a message of greenery to accompany the bond of affection.

रायपुर। रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश भी देगा। बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, मक्का, बरबट्टी, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर और मूंगफली सहित स्थानीय बीजों से आकर्षक बीज राखियां तैयार कर रही हैं। यह नवाचार महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का नया अवसर भी बन रहा है। बीज राखी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सातों विकासखंडों में प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट राखियां तैयार करने वाली महिलाओं का चयन किया गया। चयनित महिलाओं ने जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई बीज राखियां पहनाईं। कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नवाचार, सशक्तिकरण और आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों और हुनर से महिलाएं आय के नए साधन विकसित कर रही हैं। बीज राखियों की विशेषता यह है कि उपयोग के बाद इन्हें मिट्टी में दबाने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं। कम लागत, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण हितैषी स्वरूप के कारण इनकी मांग बढ़ रही है। इस तरह बीज राखी भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण और हरियाली का सुंदर संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी।



