सेवानिवृत्त लेखापाल और शिक्षा अधिकारी दामोदर राजपूत हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया
Police made a sensational disclosure of the murder of retired accountant and education officer Damodar Rajput.

जिला संवाददाता मुंगेली
माखनसिंह
लोकेशन लोरमी
लोरमी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल और शिक्षा अधिकारी दामोदर राजपूत हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या की साजिश मृतक के अपने ही परिजनों ने रची थी।
लोरमी।।।।पूरा मामला थाना लालपुर क्षेत्र का है, जहां 22 मार्च 2026 को दामोदर राजपूत के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उनकी मोटरसाइकिल मनोहरपुर राइस मिल के पास लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद परिजनों ने संपत्ति विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली के निर्देश पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मृतक के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत ने अपने साले पालेश्वर राजपूत और चचेरे भाई रामपाल राजपूत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने सुपारी किलर संजय यादव को 10 लाख 50 हजार रुपये और जमीन देने का लालच दिया था।
साजिश के तहत दामोदर राजपूत का अपहरण कर मनोहरपुर में गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कार में भरकर कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसर गांव के जंगल में नदी किनारे दफना दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल ईवान हुंडई कार,टाटा श्पेसियो गोल्ड मोटरसाइकिल और स्कूटी भी जब्त कर ली है।
सुपारी किलर संजय यादव ने हत्या के लिए करीब 4 लाख 30 हजार रुपये एडवांस भी लिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/26 धारा 61(2), 103(1), 104(2), 238 बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर उन्हें जेल भेज दिया है।
मुंगेली पुलिस की इस कार्रवाई से एक जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। संपत्ति के लालच में अपनों ने ही अपने का कत्ल करवा दिया।



