छत्तीसगढ़

संजय बघेल की मौत पर पुलिस का स्पष्टीकरण

Police clarification on Sanjay Baghel's death

रायगढ़। जिले में थाना कोतरारोड में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की आकस्मिक मृत्यु के मामले में पुलिस ने अपना पक्ष सामने रखा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डिजिटल एविडेंस और थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज मीडिया के समक्ष साझा किए। मामले की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार 10 जून 2026 को मुखबिर सूचना के आधार पर अरसीपाली चौक के पास संजय बघेल को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद उसे थाना कोतरारोड लाया गया और वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोपहर 14:15 बजे गिरफ्तारी दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि इस दौरान उसके परिजनों को भी सूचना दी गई थी और उसका भाई अजय बघेल थाना पहुंचा था।

एसएसपी द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया कि आरोपी को थाना परिसर में सामान्य तरीके से बैठाया गया, पानी दिया गया और भोजन भी उपलब्ध कराया गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से लेकर मेडिकल जांच और न्यायालय में पेशी तक पूरी प्रक्रिया निगरानी में हुई। परिजनों से मिलने की अनुमति भी दी गई, जो थाना परिसर में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। पुलिस के अनुसार उसी दिन थाना परिसर में एक अन्य आबकारी मामले के आरोपी के साथ भी कार्रवाई चल रही थी, और दोनों आरोपियों को बंदीगृह के बाहर रखा गया था। फुटेज में दोपहर 14:21 बजे संजय बघेल को आराम करते और पानी पीते हुए भी देखा गया है।

शाम को लगभग 16:35 बजे आरोपी को मेडिकल परीक्षण और न्यायालय रिमांड के लिए थाना से रवाना किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार संजय बघेल ने किसी प्रकार की चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की थी और उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम लगभग 18:30 बजे उसे जेल दाखिल कराने ले जाया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और अवैध वसूली के आरोपों की जांच के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को लाइन अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर चोटें पाई गई हैं, लेकिन उन्हें मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं बताया गया है। विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं। अंतिम कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कहा है कि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच जारी है और सभी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच में सहयोग किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है, वहीं पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपने पक्ष को स्पष्ट किया है।

 

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