दुष्कर्म के आरोपी पर कसा शिकंजा, गिरफ्तारी
Noose tightens around rape accused; arrest made.

अंबिकापुर : सरगुजा जिले की 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म का आरोपित तरुण जायसवाल आखिरकार पकड़ा गया। बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने उसे महिला मित्र के साथ गिरफ्तार किया। आरोपित उपसरपंच पति तरुण जायसवाल की गिरफ्तारी का पुलिस पर दबाब था। कांग्रेस और भाजपा के अलावा सर्व आदिवासी समाज तथा पीड़ित परिवार और गांव वाले लगातार उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये इनाम की भी घोषणा की थी।
पुलिस ने उसका 12 बोर का डबल बैरल बंदूक जब्त करने के साथ ही शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।उसके चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाने और शासकीय जमीन के निर्माण को जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू कर पुलिस ने लगातार दबाब भी बनाया था लेकिन आरोपित पकड़ में नहीं आ रहा था।
पुलिस को यह पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी कि वह भागते समय शहर के नजदीक गांव में रहने वाली महिला मित्र को भी साथ ले गया है। सीसी कैमरों की जांच में दोनों एक साथ नजर भी आए थे। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपित के साथ उसकी महिला मित्र का मोबाइल नंबर भी सर्विलांस में डाल दिया था। बुधवार रात महिला ने कुछ देर के लिए अपना मोबाइल चालू किया था। इसी से पुलिस को जानकारी मिली। बिहार की पटना पुलिस से जानकारी साझा कर दोनों को पकड़ लिया गया। सरगुजा पुलिस की टीम ने उसे अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपित और उसकी महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है।
बुधवार को ही तरुण जायसवाल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि आरोपित तरुण जायसवाल के प्रभाव के कारण पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है। उसे भागने का अवसर दे दिया गया है। झमाझम बारिश हो रही थी, उसे दौरान भी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे हुए थे, तब सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल को प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचना पड़ा था।
उन्होंने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी थी। इसके बाद आंदोलन को स्थगित किया गया था। आंदोलन समाप्ति के कुछ घंटे बाद ही देर रात दुष्कर्म के इनामी आरोपित तरुण जायसवाल को गिरफ्तार कर लेने की जानकारी सामने आई। उसकी गिरफ्तारी से सरगुजा पुलिस को भी बड़ी राहत मिली है।
यह है घटनाक्रम
आरोपित तरुण जायसवाल के घर पीड़िता काम करती थी।आरोप है कि घटना दिवस 20 जुलाई को घर पर कोई नहीं था।इस दौरान उपसरपंच के पति तरुण जायसवाल ने पीड़िता को अश्लील वीडियो दिखाकर दुष्कर्म किया। डरी सहमी पीड़िता रात को घर जाकर सारी जानकारी दी। इसी बीच आरोपित फिर से उसके घर पहुंच गया और खाना निकाल कर नहीं देने का दावा कर फिर घर ले जाने की कोशिश करने लगा। जब पीड़िता के पिता ने आपत्ति की तब आरोपित थे उन्हें धमकाया।
जब पीड़िता के स्वजन और गांववाले रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी करने लगे तब आरोपित ने रुपये देकर उनका मुंह बंद कराने की कोशिश की। पुलिस थाना पहुंचने के बाद भी तत्काल केस दर्ज नहीं करने का आरोप लगा था। दिन भर बैठे रहने के बाद देर शाम आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी हुई थी। इसी बीच आरोपित तरुण जायसवाल भागने में सफल हो गया था।



