एमपी सरकार, इनकी भी सुनो पुकार! सड़क नहीं पहुंची तो खाट की डोली बनी एंबुलेंस, डेढ़ किमी तक महिला को कंधों पर ढोते रहे परिजन
MP government, heed their plea too! With no road access, a cot had to serve as an ambulance—family members carried a woman on their shoulders for 1.5 kilometers.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
ढखरा गांव में सड़क के अभाव में नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, 45 वर्षीय आदिवासी महिला को खाट पर लिटाकर ले गए ग्रामीण; कई बार जनसुनवाई में लगा चुके हैं सड़क निर्माण की गुहार
रीवा। मध्यप्रदेश में विकास के दावों के बीच रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत बयां कर रही है। ढखरा गांव में सड़क नहीं होने के कारण बीमार आदिवासी महिला को लेने एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। आखिरकार परिजनों ने खाट को डोली बनाया और महिला को कंधों पर उठाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
खाट बनी एंबुलेंस, कंधों पर तय किया डेढ़ किमी का सफर
जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार को गजरूप आदिवासी की 45 वर्षीय पत्नी राबिया आदिवासी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन सड़क के अभाव में वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजनों ने खाट की डोली बनाई और उसे उस पर लिटाकर कंधों के सहारे करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चले। मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया।
जनसुनवाई में लगाई गुहार, फिर भी नहीं बनी सड़क
स्थानीय निवासी दिनेश रावत के मुताबिक, गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए ग्रामीण कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी की जनसुनवाई से लेकर रीवा कलेक्टर तक आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है।
समाजसेवी ने ग्राम पंचायत से प्रशासन तक उठाए सवाल
समाजसेवी बीके माला ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि 21वीं सदी में भी किसी गांव का सड़क विहीन होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारें महिला सशक्तीकरण और आदिवासी उत्थान की बात करती हैं, लेकिन ढखरा की तस्वीर बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर करती है। उन्होंने ग्राम पंचायत, स्थानीय विधायक और प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण की मांग की।
जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी: जनपद सीईओ
मामले में त्योंथर जनपद पंचायत के सीईओ प्रवीण बंसोड ने बताया कि घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवाल यह है कि आखिर कब तक सड़क के अभाव में ग्रामीणों को मरीजों को खाट पर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ेगा?



