छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन बनी ‘ईट राइट कैंपस’

Kanker District Hospital Canteen Becomes ‘Eat Right Campus’

रायपुर । स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन कांकेर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ‘ईट राइट कैंपस’ के रूप में 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण-पत्र 2 सितंबर 2026 से 1 सितंबर 2028 तक प्रभावी है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
‘ईट राइट कैंपस’ पहल का उद्देश्य संस्थानों में सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना तथा लोगों में संतुलित और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता विकसित करना है। जिला अस्पताल की कैंटीन का इस पहल के तहत ‘एक्सेम्प्लरी’ श्रेणी में 5-स्टार प्रमाणन प्राप्त करना कांकेर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल परिसर में उपलब्ध खाद्य व्यवस्था को भी गुणवत्तापूर्ण बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मिलेगा।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन का यह प्रमाणन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित ‘ईट राइट कैंपस’ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। प्रमाण-पत्र पर FSSAI के कार्यकारी निदेशक श्री यू.एस. ध्यानी के हस्ताक्षर हैं। इस उपलब्धि में FSDA कांकेर की कार्यान्वयन भागीदारी, Onecrew Services Private Limited की ऑडिटिंग भागीदारी तथा Gyancity Educational Trust की प्रशिक्षण भागीदारी रही।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को मिला यह प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन कांकेर की ‘स्वस्थ जिला’ की दिशा में प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण परिणाम है। प्रशासन का प्रयास है कि शासकीय संस्थानों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध हों 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाणन कांकेर जिले के लिए गौरव की उपलब्धि है और यह स्वस्थ खान-पान एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान प्रदान करता है।

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