मिलावटी पेट्रोल बेचने के आरोप में जय जवान पंप चर्चा में
Jai Jawan Pump in the spotlight over allegations of selling adulterated petrol.

रायपुर। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव स्थित जय जवान पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप के नोजल से पानी मिला हुआ पेट्रोल दिया जा रहा था, जिससे कई वाहनों के इंजन खराब हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में वाहन मालिक मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, कई वाहन चालकों ने दावा किया कि उन्होंने जब इस पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाया, तो कुछ ही दूरी पर उनकी गाड़ियां अचानक बंद हो गईं। कुछ मामलों में इंजन में गंभीर खराबी आने और इंजन सीज होने की स्थिति तक बन गई। इस कारण वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
घटना सामने आने के बाद गुस्साए वाहन चालकों और ग्राहकों ने पेट्रोल पंप पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने पेट्रोल पंप प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही। ग्राहकों का आरोप है कि पेट्रोल में पानी की मिलावट के कारण उनके वाहनों को गंभीर नुकसान हुआ है। कई लोगों ने कहा कि वे मरम्मत का खर्च पेट्रोल पंप संचालक से वसूलने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा और आर्थिक हितों से जुड़ी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक टीम द्वारा पेट्रोल के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पेट्रोल में वास्तव में मिलावट थी या नहीं। फिलहाल पेट्रोल पंप पर लोगों का आक्रोश जारी है और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोल में मिलावट की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला होगा और इससे कई वाहन मालिकों को बड़ा नुकसान हुआ है। लोगों ने यह भी मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। इस घटना ने शहर में ईंधन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



