दवा से नकटी तक, मुद्दों पर गूंजा विधानसभा
From medicines to the 'Nakti' issue, the Legislative Assembly echoed with debates.

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल से लेकर स्थगन प्रस्ताव तक, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की तनातनी स्पष्ट रूप से देखी गई। बहस की शुरुआत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दे से हुई। गुणवत्ताहीन दवाओं के आरोप पर सवाल पूछे गए।
यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड द्वारा आपूर्ति की गई एस्पिरिन दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार को घेरा। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में जो दवा सप्लाई हुई, वह गुजरात में प्रतिबंधित दवाओं से भिन्न है, फिर भी जनहित में टेंडर निरस्त कर दिए गए थे।
सड़क गुणवत्ता पर आए सवाल
लुण्ड्रा में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) की सड़कों की बदहाली पर विधायक प्रबोध मिंज ने सवाल उठाया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सदन को बताया सरकार अब बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए तकनीक पर निर्भरता बढ़ा रही है।
नकटी पर बढ़ी रार
दिन का सबसे बड़ा राजनीतिक धमाका ‘नकटी’ का बुलडोजर कांड था। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कार्रवाई को पूर्णतः वैधानिक बताते हुए नवा रायपुर में पुनर्वास का दावा किया। वहीं विपक्ष ने इसे गरीबों के उजड़ने का अन्यायपूर्ण कृत्य करार दिया। जब विपक्ष के सदस्य गर्भगृह में नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो स्वतः निलंबित हो गए।
17 को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
इससे पहले मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने स्वीकार कर लिया। अविश्वास प्रस्ताव पर 17 जुलाई को चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल व अन्य कार्य होने के बाद साढ़े पांच बजे तक का समय निर्धारित किया है। नेता प्रतिपक्ष डा चरण दास महंत ने विधानसभा अध्यक्ष का आभार जताया है।


