सरगुजा में बेटी की मौत पर परिजनों का बड़ा आरोप
Family makes serious allegations following daughter's death in Sarguja.

अंबिकापुर: सूरजपुर जिले के भटगांव क्षेत्र में ठेकेदार के घर काम करने वाली आदिवासी किशोरी के शव का शुक्रवार को चार चिकित्सकों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम किया। मृतका का शव लेकर स्वजन और ग्रामीण गुरुवार रात पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंच गए थे।
स्वजन का आरोप था कि पुलिस ने जांच में लापरवाही की है। उन्होंने किशोरी के साथ यौन शोषण की आशंका भी जताई है। पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा के निर्देश पर स्वजन की मांग के अनुरूप मृतका का मेडिकल कालेज अस्पताल में दोबारा पोस्टमार्टम कर शव स्वजन को सौंप दिया गया।
बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र की आदिवासी किशोरी पिछले एक महीने से भटगांव थाना क्षेत्र में ठेकेदार के घर रहकर घरेलू काम कर रही थी। मंगलवार शाम स्वजन को फोन पर सूचना दी गई कि किशोरी ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलने के बाद स्वजन बुधवार को भटगांव पहुंचे थे। स्वजन ने बताया कि जब वे भटगांव पहुंचे तो किशोरी का शव अस्पताल पहुंचा दिया गया था। उन्हें बताया गया कि ठेकेदार के यहां ही किशोरी ने फांसी लगा ली थी।
बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और ठेकेदार ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये भी दिए। शव को उसके गृहग्राम भेज दिया गया। गुरुवार को गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। उसके पहले की जानी वाली प्रक्रिया के दौरान स्वजन को संदेह हुआ कि किशोरी के गले मे फांसी लगाने के निशान नहीं हैं।
उसके प्राइवेट पार्ट में सूजन भी है। इसी संदेह के आधार पर उन्होंने गांव के लोगों से चर्चा की। प्रकरण की जानकारी लगने पर सर्व आदिवासी समाज के लोग उनकी मदद को सामने आए। गुरुवार रात पिकअप में मृतका का शव लेकर वे अंबिकापुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंच गए। यहां आइजी दीपक झा से स्वजन के अलावा सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की।
स्वजन ने कहा – फांसी नहीं लगाई, घटना संदिग्ध
स्वजन के साथ सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों ने आइजी के समक्ष आरोप लगाया कि किशोरी ने फांसी नहीं लगाई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। घटना की सूचना न तो पुलिस और न ही ठेकेदार ने पंचायत के सरपंच तक को दो दिनों बाद दी गई। उन लोगों ने चिकित्सक और थाना प्रभारी से अपनी बात रखने की कोशिश की लेकिन नहीं सुनी गई और न ही उनके सवालों का सही जवाब दिया।
उन्हें विश्वास में लिए बगैर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर दी गई। किशोरी के साथ यौन शोषण और उसकी हत्या किए जाने की उन्हें आशंका है। इन आरोपों के मद्देनजर मृतका का शव रात को मेडिकल कालेज अस्पताल में रखा गया और शुक्रवार को चार चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इसलिए गई थी काम करने
मृतका बलरामपुर जिले की रहने वाली है। छह भाई-बहनों का परिवार है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के कारण किसी परिचित के माध्यम से मृतका को घरेलू काम पर लगा दिया गया था। घरवालों को उम्मीद थी कि घरेलू काम के बदले कुछ रुपये मिलेंगे तो घर गृहस्थी चलाने में मदद मिलेगी। इस घटना ने अभावग्रस्त परिवार को और तोड़ दिया है। घर में छोटे-छोटे भाई बहन हैं।
स्वजन को आशंका है कि प्रकरण की जांच सही तरीके से नहीं की गई है और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग रखी गई थी। दोबारा चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच में किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। दीपक कुमार झा पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा



