छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में मरीज से दोहरी वसूली, आयुष्मान कार्ड बना कमाई का जरिया

Double charging of patient in Ambikapur; Ayushman card becomes a means of profiteering.

अंबिकापुर : शहर के गुदरी बाजार चौक स्थित लक्ष्मीनारायण अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से दोहरा भुगतान लेकर धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। बलरामपुर जिले के गिरवानी निवासी विवेक जायसवाल की शिकायत पर थाना अंबिकापुर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि मरीज से नकद 1.60 लाख लेने के बाद भी आयुष्मान कार्ड से 1.50 लाख रुपये आहरित कर लिए गए और बिल तक नहीं दिया गया।

थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक गिरवानी तहसील रघुनाथनगर निवासी किसान विवेक जायसवाल अपने बड़े पापा राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल को 17 अप्रैल 2026 को पेट दर्द की शिकायत पर लक्ष्मीनारायण अस्पताल ले गए थे। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद बताया कि मरीज के दिल की नसों में ब्लॉकेज है और एंजियोप्लास्टी से तीन स्टेंट लगेंगे। अस्पताल ने कहा कि इसका खर्च आयुष्मान कार्ड से हो जाएगा।

आवेदक विवेक जायसवाल का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि मरीज का आयुष्मान कार्ड ब्लॉक हो गया है, इसलिए भुगतान नकद करना पड़ेगा। मरीज की हालत और चिकित्सक की बात से डरकर स्वजन ने दवाई सहित एक लाख 60 हजार रुपये नकद भुगतान कर दिया। अस्पताल ने इसका कोई बिल भी नहीं दिया।विवेक के अनुसार बाद में जब उन्होंने मरीज के आयुष्मान कार्ड की जांच कराई तो पता चला कि अस्पताल प्रबंधन ने उसी इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड से भी एक लाख 50 हजार 460 रुपये का भुगतान ले लिया है। इस तरह कुल तीन लाख 10 हजार 460 रुपये वसूल लिए गए। जबकि मरीज को अब तक तीन की जगह सिर्फ दो स्टेंट ही लगाए गए हैं, तीसरा स्टेंट अब तक नहीं लगाया गया।

ठगी का अहसास होने पर विवेक जायसवाल ने थाना अंबिकापुर में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। विवेक का आरोप है कि बार-बार पूछने पर भी अस्पताल प्रबंधन झूठ बोलता रहा और बिल नहीं दिया। शासन ने आयुष्मान कार्ड मरीजों के इलाज के लिए जारी किया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन झूठ बोलकर मरीजों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों ने बताया कि शिकायत की जांच पश्चात थाना कोतवली में अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

क्या कहता है नियम

आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल मरीज से नकद राशि नहीं ले सकते। इलाज का पूरा खर्च आयुष्मान कार्ड से ही वहन किया जाता है। दोहरा भुगतान लेना और बिल न देना गंभीर अनियमितता है।

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