छत्तीसगढ़

डी.ए.वी. जांता, नन्हे कलाकारों ने जीवंत की भारतीय संस्कृति की झलक,दीपों की जगमगाहट में सजा

DAV Janta, young artists brought alive glimpses of Indian culture, decorated in the glow of lamps.

धार्मिक झांकियों, आकर्षक कलाकृतियों और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्यों ने मोहा मन, पालकगणों की उपस्थिति में हर्षोल्लास से मना दीपोत्सव

बेमेतरा। बेमेतरा जिले के जांता स्थित डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में दीपावली के पावन अवसर पर दीपोत्सव का भव्य एवं रंगारंग आयोजन हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह के साथ किया गया। पूरा विद्यालय परिसर दीपों की जगमगाहट, आकर्षक सजावट, मनमोहक रंगोलियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जगमगा उठा। इस विशेष अवसर पर पालकगण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और नन्हे-मुन्ने बच्चों की अद्भुत प्रतिभा एवं मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से विद्यालय में दीपोत्सव के अवसर पर विभिन्न रचनात्मक, कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ओम मंत्र, गायत्री मंत्र एवं डी.ए.वी. गान के साथ दीप प्रज्वलन कर किया गया।

दीपोत्सव के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता, बैनर एवं पोस्टर निर्माण, पेंटिंग, ग्रीटिंग कार्ड निर्माण, दीया एवं थाली सजावट, तोरण सजावट, कक्षा सजावट तथा हाउस बोर्ड डेकोरेशन जैसी अनेक गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यालय परिसर में सजी आकर्षक रंगोलियों और सुंदर कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

 

कार्यक्रम का सबसे मनमोहक एवं आकर्षक केंद्र नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई धार्मिक एवं पौराणिक झांकियां रहीं। बच्चे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी, मां लक्ष्मी तथा भगवान शिव एवं माता पार्वती सहित विभिन्न देवी-देवताओं के मनमोहक स्वरूपों में सजे नजर आए। बच्चों की मासूम अदाओं और सुंदर वेशभूषा ने उपस्थित पालकगणों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं ‘राम आएंगे’ की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

 

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की अनुपम छटा भी देखने को मिली। सुवा नृत्य, राउत नाचा एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न पारंपरिक लोकगीतों पर विद्यार्थियों ने शानदार सामूहिक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। प्रत्येक प्रस्तुति में बच्चों का उत्साह, आत्मविश्वास और उनकी मेहनत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।

 

इस भव्य आयोजन में पालकगणों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई तथा बच्चों की प्रतिभा और विद्यालय की रचनात्मक गतिविधियों की सराहना की। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति, संस्कार और व्यवहारिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण आधार हैं।

 

दीपोत्सव के माध्यम से विद्यालय परिवार ने प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता का संदेश दिया। जिस प्रकार एक दीपक दूसरे दीपक को प्रज्वलित कर स्वयं की रोशनी कम नहीं करता, बल्कि प्रकाश को और अधिक बढ़ाता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने ज्ञान, संस्कार और सद्भावना से समाज एवं राष्ट्र को प्रकाशित करना चाहिए।

 

इस भव्य एवं यादगार आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ललित देवांगन, अकलेश पटेल, अनिल चंद्रवंशी, गोविन्द साहू, अजय सेन, आयुषी जैन, विमल साहू, राजा तंतुवाय, अभिषेक दुबे, संदीप कुमार, रेणुका पटेल, साक्षी शर्मा, ऐश्वर्य देशमुख, ममता चंद्राकर, गायत्री सिन्हा, वर्षा वैष्णव, शोभारानी साहू, अनिल कुमार, प्रकाश भोई, प्रीति यादव, अर्पिता बोस, रुद्राभिषेक सोनी, कैलाश सिंह, यामिनी साहू, भारती भट्ट, प्रांजलि ठाकुर, आर्या निधि, लेखनी चंद्राकर, भुनेश्वरी चंद्राकर, नीलमणि पटेल एवं भारती बंजारे सहित कर्मचारी एवं सहयोगी सुखदेव साहू, रूखमणी चंद्राकर, रामेश्वरी चंद्राकर, युवराज चंद्राकर, नरेश साहू, विजय चंद्राकर एवं कुंती यादव का सराहनीय योगदान रहा।

 

दीपों की रोशनी, बच्चों की खिलखिलाहट, धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा यह दीपोत्सव सभी के लिए यादगार बन गया। विद्यालय के प्राचार्य पी. एल. जायसवाल के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच एवं प्रभावी मार्गदर्शन में इस पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई तथा उनके दिशा-निर्देशन में विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को भव्य एवं सफल स्वरूप प्रदान किया।

 

विद्यालय की उपलब्धियाँ एवं विशिष्ट पहचान: दाढ़ी क्षेत्र का एकमात्र सीबीएसई विद्यालय एवं बेमेतरा जिले का एकमात्र डी.ए.वी. विद्यालय अपनी विशिष्ट शैक्षणिक पहचान के साथ निरंतर नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। प्राचार्य पी. एल. जायसवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विद्यालय केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर अवसर प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सभी कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। विज्ञान के क्षेत्र में INSPIRE-MANAK योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों का चयन, अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड में 8 पदक तथा NASO ओलंपियाड में 40 स्वर्ण पदक विद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। वहीं खेलों के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। अंडर-17 बालक कबड्डी टीम की राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन विद्यालय की उपलब्धियों में नए आयाम जोड़ रहा है। विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी रुचि एवं प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह भविष्य में अपने परिवार, क्षेत्र एवं देश का नाम रोशन करे।

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