छत्तीसगढ़

सिंगल यूज प्लास्टिक पर कोर्ट की निगरानी

Court monitoring of single-use plastic

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट निगरानी रखेगा। मुख्य सचिव ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि मई और जून 2026 के दौरान पूरे प्रदेश में व्यापक स्वच्छता, जागरूकता और प्लास्टिक जब्ती अभियान चलाए गए।

बिलासपुर में 386 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया, जबकि रायपुर में 7.26 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। हाईकोर्ट ने इन प्रयासों को संतोषजनक बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि मामले की मॉनिटरिंग जारी रहेगी। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।

रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, चम्मच, स्ट्रॉ, थर्माकोल की सजावटी सामग्री, 200 मिलीलीटर से कम क्षमता वाली पीईटी बोतलों और विज्ञापन में इस्तेमाल होने वाले फ्लेक्स-बैनर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है।

हालांकि, दवाइयों की पैकेजिंग और 50 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले दूध के पैकेट जैसी आवश्यक वस्तुओं को नियमों के तहत छूट दी गई है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल पर उदासीनता का आरोप

याचिका में कहा गया कि नियमों के प्रभावी पालन के लिए आवास और पर्यावरण विभाग ने नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को उच्च स्तरीय समिति का प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया था, लेकिन मंडल ने अब तक शासन को कोई ठोस प्रस्ताव नहीं भेजा।

मुख्य सचिव बोले- नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

मुख्य सचिव ने शपथ पत्र में बताया कि पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रायपुर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माता और उपयोगकर्ताओं पर 7,26,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

एक प्लास्टिक उत्पादक के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। वहीं, बिलासपुर, बोदरी और तखतपुर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 386 किलो प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया गया और 93,100 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

नदियों के घाट और बाजारों में चला सफाई अभियान

हाईकोर्ट के 13 मई 2026 के निर्देश के बाद राज्यभर में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और जलाशयों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया गया। बिलासपुर में अरपा नदी के घाट, मंगल भवन, रविदास चौक, जतिया तालाब, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बुधवारी बाजार सहित कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया।

नगर निगम, जिला पंचायत और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के संयुक्त अभियान में करीब 9,016 लोगों ने श्रमदान किया। रिवर व्यू रोड, नूतन चौक, गोल बाजार और हैप्पी स्ट्रीट में नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं, जिनमें 8,836 लोगों ने भाग लिया। लोगों को कचरे के पृथक्करण के लिए चार रंगों वाले डस्टबिन भी बांटे किए गए।

रायपुर में चला तीन दिवसीय अभियान

रायपुर के शास्त्री नगर मार्केट, शंकर नगर, भाटागांव और हीरापुर में 16 से 18 जून तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को जूट और कपड़े के थैले तथा इको-फ्रेंडली पेंसिल वितरित की गईं। अभियान का प्रचार आकाशवाणी, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भी किया गया।

हाईकोर्ट बोला- प्रयास संतोषजनक पर मॉनिटरिंग जारी रहेगी

मुख्य सचिव के शपथ पत्र का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रतिबंधित पॉलिथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई के लिए ठोस प्रयास किए हैं। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर इस मामले की न्यायालयीय मॉनिटरिंग आगे भी जारी रहेगी।

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