छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, छात्रावासों की अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप
Chhattisgarh Sarv Adivasi Samaj submitted a memorandum to the Collector, alleging serious irregularities, corruption, and bribery in hostels.

बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार एवं बलंगी छात्रावासों में गंभीर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार तथा आदिवासी बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि समाज की टीम द्वारा दोनों छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, उपस्थिति पंजी, शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू चार्ट एवं बिल-वाउचर उपलब्ध नहीं मिले। साथ ही बच्चों को परोसे जाने वाले चावल में कंकड़-पत्थर मिलने, स्टॉक में खाद्य तेल उपलब्ध नहीं होने, एक्सपायरी तेल पाए जाने तथा स्टोर रूम में सड़े हुए आलू एवं प्याज रखे होने का दावा किया गया है। ज्ञापन में छात्रावास परिसर और बच्चों की स्वच्छता व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिले के कुछ ट्राइबल छात्रावासों में संस्थागत भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का तंत्र संचालित है। समाज ने इसे आदिवासी बच्चों के अधिकारों के साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बसंत कुजूर ने लगाया रिश्वत का गंभीर आरोप
जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने आरोप लगाया है कि छात्रावास अधीक्षक की पदस्थापना/नियुक्ति के लिए जिला एवं मंडल स्तर पर रिश्वत (“चढ़ावा”) देना पड़ता है। उनका दावा है कि यदि इस आरोप की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो आदिवासी विकास विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कलेक्टर से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
समाज ने कोगवार एवं बलंगी सहित जिले के सभी ट्राइबल छात्रावासों की वित्तीय एवं भौतिक जांच कराने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की भी मांग की है।



