20 फीट गहरे कुएं में फंसा भालू, घंटों की मशक्कत के बाद बचाया
Bear trapped in 20-foot-deep well; rescued after hours of effort.

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छिंदिया में भोजन की तलाश में जंगल से निकला एक अधेड़ भालू कटहल खाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। ग्रामीणों की आवाज और शोर से घबराकर वह भागने लगा और बाड़ी में बने करीब 20 फीट गहरे खुले सूखे कुएं में गिर गया। वन विभाग ने करीब 15 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल की ओर रवाना कर दिया।
कटहल खाते समय ग्रामीणों की पड़ी नजर
घटना बुधवार सुबह की है। गांव के पूर्व सरपंच बारेलाल सिंह की बाड़ी में कटहल का पेड़ लगा है। उनका पुत्र जब बाड़ी पहुंचा तो उसने पेड़ पर एक भालू को कटहल खाते देखा। उसने शोर मचाकर घर के अन्य लोगों को बुलाया। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पेड़ के नीचे बढ़ती भीड़ और शोर से भालू घबरा गया और तेजी से नीचे उतरकर जंगल की ओर भागने लगा।
भागते समय खुले कुएं में गिरा भालू
घबराहट में भागते हुए भालू की नजर बाड़ी में बने बिना मुंडेर वाले करीब 20 फीट गहरे सूखे कुएं पर नहीं पड़ी और वह उसमें जा गिरा। कुएं के किनारे थोड़ा पानी भरा था। बाहर निकलने के लिए उसने कई बार दीवार पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार फिसलकर नीचे आ गया। घटना की सूचना मिलते ही केंदई वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर किया।
सीढ़ी से नहीं निकला, फिर बदली गई रणनीति
वन विभाग ने शुरुआत में बांस की मजबूत सीढ़ी कुएं के भीतर उतारी ताकि भालू स्वयं बाहर निकल सके। इसके लिए आसपास का माहौल भी शांत रखा गया, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद भालू सीढ़ी का उपयोग नहीं कर सका। इसके बाद बचाव अभियान की रणनीति बदली गई। जेसीबी मशीन की मदद से कुएं के एक किनारे की मिट्टी हटाकर ढलाननुमा रास्ता तैयार किया गया। इस दौरान वन कर्मियों ने पूरी सावधानी बरती ताकि भालू को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।
शाम ढलने के बाद सुरक्षित बाहर निकला
शाम ढलने के बाद भालू धीरे-धीरे तैयार किए गए ढलान की ओर बढ़ा और उसी रास्ते से बाहर निकल आया। करीब 15 घंटे तक चले अभियान के बाद देर रात वह सुरक्षित जंगल की ओर लौट गया। सफल रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, वन विभाग के कर्मचारी, हाथी मित्र दल के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।
खुले कुएं वन्यजीवों के लिए बढ़ा खतरा
वन विभाग के अनुसार आसपास के जंगलों में भालुओं की मौजूदगी रहती है। भोजन की कमी होने पर वे फलों की तलाश में गांवों तक पहुंच जाते हैं। विभाग ने कहा कि यदि वन्यजीव दिखाई दें तो शोर मचाने के बजाय तत्काल सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित जंगल लौटाया जा सके। साथ ही बिना मुंडेर वाले खुले कुओं के चारों ओर मजबूत घेरा या दीवार बनाने की भी अपील की गई है, क्योंकि ऐसे कुएं वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बन रहे हैं।



