150 ग्राम सोना लेकर भागा कारीगर, महीनों बाद FIR से खुला मामला
Artisan flees with 150 grams of gold; case comes to light months later following an FIR.

रायपुर। राजधानी रायपुर में जेवर बनाने के लिए कारोबारी से 150 ग्राम फाइन गोल्ड लेकर कारीगर के फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपी कारीगर ने पहले कई बार सोना लेकर जेवर तैयार कर वापस किए, जिससे कारोबारी का उस पर विश्वास बन गया था।
इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने अप्रैल में 150 ग्राम फाइन गोल्ड लिया और इसके बाद जेवर बनाकर लौटाने के बजाय कथित रूप से सोना अपने उपयोग में ले लिया। लंबे समय तक संपर्क नहीं होने और मोबाइल नंबर बंद मिलने के बाद कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी शुभांकर हलदर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
20 साल से ज्वेलरी कारोबार, कारीगर पर था भरोसा
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता तापस सामंता बुढ़ापारा स्थित मां महालक्ष्मी ज्वेलरी वर्कशॉप का संचालन करते हैं और करीब 20 वर्षों से ज्वेलरी के कारोबार से जुड़े हैं। आरोपी शुभांकर हलदर ज्वेलरी कारीगरी का काम करता था। वह पहले भी सामंता से फाइन गोल्ड लेकर उससे सोने-चांदी के जेवर तैयार करता और वापस कर देता था। लगातार लेन-देन के कारण कारोबारी को उस पर विश्वास हो गया था।
इसी विश्वास के चलते 15 अप्रैल 2026 को शुभांकर हलदर ने बुढ़ापारा स्थित ज्वेलरी वर्कशॉप से 150 ग्राम फाइन गोल्ड लिया। उसे इस सोने से जेवर तैयार करके वापस करना था।
मां की तबीयत खराब होने का दिया हवाला
एफआईआर के मुताबिक, 18 अप्रैल को कारोबारी ने शुभांकर से फोन पर जेवर तैयार होने के संबंध में जानकारी ली। इस पर आरोपी ने बताया कि अभी जेवर तैयार नहीं हुए हैं। उसने कहा कि नादिया, पश्चिम बंगाल में रहने वाली उसकी मां की तबीयत खराब है और उसे गांव जाना पड़ सकता है। उसने वापस लौटने के बाद जेवर तैयार करके देने की बात कही।
इसके बाद 20 अप्रैल को शुभांकर यह कहते हुए चला गया कि वह अपनी मां को देखने जा रहा है। इसके बाद उसने कारोबारी से संपर्क करना बंद कर दिया।
दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले
काफी समय बीतने के बाद भी जब आरोपी ने 150 ग्राम सोने से तैयार किए जाने वाले जेवर वापस नहीं किए तो कारोबारी ने उसके मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की। दोनों नंबर बंद बताए गए। इसके बाद कारोबारी ने अपने स्तर पर शुभांकर के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह रायपुर से चला गया है।
काफी तलाश और संपर्क के प्रयास के बाद भी आरोपी का पता नहीं चल सका। इसके बाद कारोबारी ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
जांच के बाद दर्ज हुआ केस
एफआईआर के अनुसार शिकायत आवेदन पुलिस उपायुक्त मध्य जोन, रायपुर कमिश्नरेट से जांच के लिए सिटी कोतवाली भेजा गया था। शिकायत की जांच और आवेदक से पूछताछ के बाद पुलिस को प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा अमानत में दिए गए सोने का दुरुपयोग किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपी शुभांकर हलदर के खिलाफ BNS की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में संबंधित संपत्ति के रूप में 150 ग्राम फाइन गोल्ड का उल्लेख किया गया है।
आरोपी पश्चिम बंगाल का रहने वाला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी शुभांकर हलदर, पिता विमल हलदर, मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि आरोपी सोने के जेवर बनाने का काम करता था और इसी काम के दौरान उसकी कारोबारी से पहचान हुई थी। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश और मामले की आगे की जांच कर रही है।
चार महीने बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
इस मामले में खास बात यह है कि सोना 15 अप्रैल को लिया गया था, जबकि पुलिस में एफआईआर एक सितंबर को दर्ज हुई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी की मां की तबीयत खराब होने की बात पर उसने कुछ समय इंतजार किया। बाद में आरोपी से संपर्क नहीं हुआ और उसके मोबाइल नंबर भी बंद हो गए। इसके बाद काफी तलाश के बावजूद आरोपी नहीं मिला तो शिकायत पुलिस तक पहुंची।



