छत्तीसगढ़
ग्रामवासियों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्य अतिथि प्रतिभा आशीष कुमार पाण्डेय ने किया लक्ष्मी पूजा समारोह का शुभ उद्घाटन
Amidst the warm welcome of the villagers, Chief Guest Pratibha Ashish Kumar Pandey inaugurated the Lakshmi Puja ceremony.

देवीचरण ठाकुर गरियाबंद
गंगराजपुर में सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा समिति द्वारा वर्ष 2025 का 15वां कलश यात्रा सह उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,पढ़िए पूरे रिपोर्ट तहलका इण्डिया न्यूज पोर्टल पर…

भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
गंगराजपुर में सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा समिति द्वारा वर्ष 2025 का 15वां कलश यात्रा सह उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरे ग्राम में भक्तिमय वातावरण के बीच महिलाएं, युवाओं और वरिष्ठ जनों की अगुवाई में कलश यात्रा निकाली गई।

मुख्य अतिथि प्रतिभा आशीष कुमार पाण्डेय ने किया उद्घाटन
समारोह के मुख्य अतिथि प्रतिभा आशीष कुमार पाण्डेय जी द्वारा फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उनके पहुंचने पर ग्राम वासी एवं मातृशक्ति ने आत्मीय स्वागत कर परंपरा का सम्मान किया। यह लगातार 15वां वर्ष है जब पाण्डेय जी इस आयोजन की शोभा बढ़ा रहे हैं।

15 वर्षों की आस्था और परंपरा का संगम
पिछले 15 वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी गंगराजपुर की जनता ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।
गांव में श्रद्धा, संस्कृति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।
समिति एवं ग्रामवासियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में समिति के संरक्षक मधुसूदन सौरी,सरपंच प्रतिनिधि अनिल विभार,डोमेंद्र सोनी,मानसिंह सोरी,बालेश सोनी,जितेंद्र सोनी, दिलीप मरकाम,जगबंधु अंडेल,
मोहन बंजारे (पंच) की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा खेमचंद सोनी, सुबल मरकाम, हरिशंकर सोरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने भाग लिया। पूजा-अर्चना एवं विधि–विधान कर्ता प्रभुलाल सेन्दूका सोनी एवं आचार्य सुरेंद्र पंडा द्वारा संपन्न कराई गई।
कार्यक्रम संचालन एवं आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का सफल संचालन डोमेंद्र सोनी द्वारा किया गया। अंत में समिति की ओर से ग्रामवासियों,अतिथियों एवं मातृशक्ति का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा समिति गंगराजपुर का यह 15वां वर्ष समारोह न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि पूरे गांव की एकता, संस्कृति और परंपरा की सुंदर तस्वीर भी प्रस्तुत करता है। कलश यात्रा से लेकर उद्घाटन तक, हर क्षण भक्तिमय और प्रेरणादायी रहा।



