यूपी में ठेकेदारी के नियम बदले, योगी सरकार ने किया बड़ा ऐलान
Yogi government makes major announcement in UP, changes in contracting rules

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के लिए योगी सरकार ने ठेकेदारों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नए नियम को मंजूरी दी गई, जिसके तहत अब अत्यधिक कम दर पर टेंडर हासिल करने वाले ठेकेदारों पर सख्ती बढ़ेगी।
सरकार के नए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई ठेकेदार सड़कों, पुल-पुलियों या सरकारी भवनों के निर्माण के लिए तय लागत से 15 प्रतिशत या उससे अधिक कम दर पर टेंडर हासिल करता है, तो उसे अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करनी होगी।
इसके साथ ही ऐसे ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे वर्तमान और पूर्व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से कम लागत पर टेंडर लेकर निर्माण गुणवत्ता से समझौता करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
भारी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के प्रावधान के कारण ठेकेदार अब अत्यधिक कम दर पर बोली लगाने से बचेंगे। नए नियमों के तहत 15% से 20% तक कम दर पर टेंडर लेने पर ठेकेदार को अंतर राशि का 100% अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करनी होगी। 20% से अधिक कम दर होने पर यह सिक्योरिटी अंतर राशि का 150% तक होगी।
ऐसे समझें
यदि किसी परियोजना की अनुमानित लागत 100 रुपये है और ठेकेदार 80 रुपये में काम करने की बोली लगाता है, तो उसे 20 रुपये के अंतर पर 100% या 150% तक अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करनी होगी।
इसके अलावा, जिन ठेकेदारों के पास वर्तमान में कोई प्रोजेक्ट नहीं है और जिन्होंने पिछले दो वर्षों में कोई निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है, उनसे भी अतिरिक्त सिक्योरिटी ली जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी
गौरतलब है कि परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का प्रावधान पहले से लागू है, लेकिन वह न्यूनतम स्तर पर था 40 लाख रुपये तक के कार्यों पर 10% और उससे अधिक राशि के कार्यों पर 5% सिक्योरिटी जमा करनी होती है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।



