रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जहां पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है, वहीं रीवा का एक युवा अपनी अद्भुत योग प्रतिभा से लोगों को हैरत में डाल रहा है। शहर में ‘रबर बॉय’ के नाम से पहचान बना चुके आदर्श पांडे कठिन से कठिन योग क्रियाओं को इतनी सहजता से कर लेते हैं कि देखने वाले दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं।
आदर्श की विशेषता उनकी असाधारण शारीरिक लचक और योग के प्रति समर्पण है। कई ऐसी योग मुद्राएं, जिन्हें सामान्य व्यक्ति करना तो दूर सोच भी नहीं सकता, उन्हें आदर्श बेहद आसानी से कर दिखाते हैं। उनकी योग कला को देखकर अक्सर लोगों के मुंह से एक ही शब्द निकलता है— “असंभव!”
सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि आदर्श ने किसी बड़े संस्थान या प्रशिक्षक से विधिवत योग शिक्षा प्राप्त नहीं की। उन्होंने अपने बड़े भाई लकी पांडे के मार्गदर्शन में घर पर अभ्यास शुरू किया और आगे की बारीकियां सीखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर उन्होंने योग के क्षेत्र में 6 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
आदर्श की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकतीं। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए योग प्रतियोगिताओं में 2 गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं, जिससे प्रदेश और रीवा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रीवा में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पांचवें मठ के समीप बिहर-बिछिया नदी तट पर आदर्श ने अपनी अद्भुत योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया। उनकी लचक, संतुलन और एकाग्रता को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
आज जब दुनिया योग को स्वास्थ्य और जीवनशैली का आधार मान रही है, तब रीवा का यह युवा योग साधक नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है। आदर्श पांडे की सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास के बल पर सीमित संसाधनों में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
