पुलिस को चकमा देकर भागी महिला, 3 निलंबित

Woman escapes after giving police the slip; 3 suspended.

बालोद। जिले में पुलिस अभिरक्षा से एक महिला आरोपी के फरार होने के मामले को पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बेहद गंभीरता से लिया है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और ड्यूटी के दौरान गंभीर चूक पाए जाने पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से एक प्रधान आरक्षक और दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया है।

प्रारंभिक विभागीय जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। नगर पालिका बालोद के नयापारा क्षेत्र में करीब दो लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया था।

पुलिस टीम पूछताछ के लिए थाना लेकर आई थी

महिला मूल रूप से बालोद जिले के कलकसा गांव की रहने वाली है और वर्तमान में नयापारा में निवास कर रही थी। शनिवार को पुलिस टीम उसे पूछताछ के लिए थाना लेकर आई थी। पूछताछ के दौरान थाना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में रहते हुए महिला ने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और मौके से फरार हो गई। घटना सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

तीन पुलिककर्मियों को किया निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक शिवराम ध्रुव, आरक्षक उमेध निषाद और महिला आरक्षक पूर्णिमा ठाकुर को निलंबित कर दिया। एसपी योगेश पटेल ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा में चूक करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और विभागीय जांच भी जारी रहेगी।

पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं

इधर, फरार महिला आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। संभावित ठिकानों के साथ-साथ उसके पैतृक गांव में भी लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि महिला को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है

घटना के बाद जिले के सभी थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अभिरक्षा में आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

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