विष्णु देव साय ने दिखाई सख्ती, सचिव से पुष्टि करने पर ही दी जानकारी
Vishnu Dev Sai showed strictness and gave information only after confirmation from the secretary.

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर प्रवास के दौरान सुशासन तिहार में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि काम में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह मीटिंग से बाहर जाएं, सचिव से बात करें और सही जानकारी लेकर लौटें। उन्होंने योजनाओं की प्रगति जुटाई और अधिकारियों की जवाबदेही को सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ के रूप में देखना चाहिए, जहां आम जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय सीमा में पूरी की जाए, विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने के साथ-साथ किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि वे अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें। बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी उद्देश्वरी पैकरा आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।



