कुंभ कल्प में विराट संत समागम का हुआ आगाज

रिपोर्टर : लोकेश्वर सिन्हा

गरियाबंद। राजिम में 24 फरवरी से 8 मार्च तक चलने वाले कुंभ कल्प में विराट संत समागम का आगाज हुआ, इसमें जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ने भगवान राजीवलोचन का पूजा–अर्चना व दीप प्रज्वलित कर विराट संत समागम का विधिवत शुभारंभ किया।

यह पहला मौका होगा जब कुंभ कल्प में एक साथ मुख्य मंच पर दो–दो शंकराचार्य विराजमान रहे, जिससे कि यह कुंभ महाकुंभ हो गया, द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि परमात्मा के पद प्राणी को पवित्र करती है, जो राम नाम का जाप करते हैं, उनके पार्थ राम है, प्राणी मात्र में एक विश्राम का नाम राम है, धर्म रूपी कल्पवृक्ष का बीज राम नाम है, राम ने मनुष्य बनकर वो दिखाया, जो मनुष्य को करना चाहिए, कैसे धर्म का पालन किया जाता है, हमारे वेदों का ज्ञान संतों से ही मिलता है।

उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ संस्कृति का प्रमाण है, ऐसे आयोजनों से संस्कृति की रक्षा होती है। इस अवसर पर भारी संख्या में साधु–संत मौजूद रहे, इसके साथ ही जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं राजिम विधायक रोहित साहू भी मौजूद रहे।

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