रीवा, मप्र। रिपोर्टर — सुभाष मिश्रा
विंध्यवासियों का लंबा इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। रीवा एयरपोर्ट से अब 72 सीटर विमान उड़ान भरने जा रहा है। मंगलवार को ATR-72 एयरक्राफ्ट का ट्रायल किया जाएगा, जिसकी पायलटिंग रीवा के लाल राघव मिश्रा करेंगे। विंध्य के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया है क्योंकि अब यहां से बड़े विमान का संचालन संभव हो सकेगा।
रीवा एयरपोर्ट से ATR-72 विमान का ट्रायल आज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर 12 बजे ATR-72 एयरक्राफ्ट जबलपुर से उड़ान भरकर रीवा एयरपोर्ट पहुंचेगा, इसके बाद करीब 1:30 बजे रनवे से ट्रायल फ्लाइट की जाएगी। ट्रायल के बाद विमान यात्रियों को लेकर पुनः जबलपुर के लिए उड़ान भरेगा। इस विमान के शुरू होने से रीवा सहित पूरे विंध्य को नई हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रियों का सफर और सुगम हो जाएगा।
रीवा के लाल राघव मिश्रा करेंगे पायलटिंग
सबसे गर्व की बात यह है कि इस विमान की पायलटिंग रीवा के ही पायलट राघव मिश्रा करने जा रहे हैं। उनके छोटे भाई उदित नारायण मिश्रा ने बताया कि “आज ATR-72 विमान का संचालन शुरू होने जा रहा है और उसके पायलट मेरे बड़े भाई राघव मिश्रा होंगे।”
राघव मिश्रा दो दिन पहले बिलासपुर में थे, वहां से जबलपुर पहुंचे और आज वहीं से ATR-72 एयरक्राफ्ट लेकर रीवा एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे। रीवा से उड़ने वाले पहले 72 सीटर विमान का पायलट रीवा का बेटा होना पूरे विंध्य के लिए गौरव का क्षण है।
1 नवंबर से सप्ताह में तीन दिन नियमित उड़ान
उदित मिश्रा ने आगे बताया कि प्रशासनिक मंजूरी के बाद 1 नवंबर से ATR-72 विमान की नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी। सप्ताह में तीन दिन रीवा से जबलपुर के बीच विमान का संचालन होगा। उन्होंने कहा कि “आज विंध्य को दो बड़ी सौगातें मिल रहीं हैं — एक तो 72 सीटर विमान की उड़ान और दूसरा, उसका पायलट हमारे अपने रीवा के राघव मिश्रा हैं।”
रीवा के पायलट राघव मिश्रा की कहानी
40 वर्षीय पायलट राघव मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के निवासी हैं, पर उनका परिवार लंबे समय से रीवा के इंदिरा नगर में रह रहा है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रीवा के ज्योति स्कूल से प्राप्त की और आगे बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वर्ष 2014 में उन्होंने जॉर्डन में पायलट ट्रेनिंग ली और पहली बार अंतरराष्ट्रीय आसमान में उड़ान भरी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने एयर इंडिया में सेवाएँ दीं।
परिवार में गौरव की लहर
राघव मिश्रा के पिता रवि नारायण मिश्रा गुजरात के पाटन से चीफ इंजीनियर के पद से रिटायर्ड, माता चंद्रप्रभा मिश्रा भी शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हैं। बहन संजय गांधी अस्पताल, रीवा में प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत हैं।
राघव और उदित दोनों ने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “उनके प्रयासों से ही रीवा एयरपोर्ट का सपना साकार हुआ और अब 72 सीटर विमान की उड़ान संभव हुई है।” इस विमान में को-पायलट क्षितिज गुप्ता होंगे।
हवाई पट्टी से एयरपोर्ट तक का सफर
गौरतलब है कि 2024 से पहले रीवा में केवल हवाई पट्टी हुआ करती थी, जहां केवल हेलीकॉप्टर या छोटे विमान उतरते थे। 15 फरवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नए एयरपोर्ट का भूमि पूजन किया था। 20 महीनों में यह एयरपोर्ट तैयार होकर प्रदेश के आधुनिकतम एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया।
9 सीटर से 72 सीटर तक का सफर
500 करोड़ की लागत से बने रीवा एयरपोर्ट का 20 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली लोकार्पण किया था। पहले दिन 9 सीटर विमान ने उड़ान भरी थी, बाद में 19 सीटर विमान का संचालन शुरू हुआ। अब, मंगलवार को 72 सीटर ATR विमान की ट्रायल फ्लाइट से रीवा के आसमान में नई ऊंचाईयों की उड़ान भरने जा रही है — और इस ऐतिहासिक उड़ान का पायलट होगा रीवा का बेटा, राघव मिश्रा।
