रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
विधानसभा सिरमौर के ग्राम पंचायत रौली के ग्राम कैथी में ग्रामीण सड़क के लिए तरस रहे हैं हैं। नदी नालों को पार कर बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। बांस की पुल बनाकर ग्रामीण नालों को पार करते हैं। सड़क एवं पुल निर्माण के लिए वर्ष 2022 में सरपंच दीपा तिवारी द्वारा भूमि पूजन किया गया लेकिन भूमि पूजन होने के बाद भी नहीं हुआ सड़क का निर्माण। एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क के दावे करती है लेकिन धरातल में ये सारे दावे खोखले नजर आते हैं। सरकार के दावों की पोल खोलती तस्वीर। जो यह तस्वीरें बयां करती हैं कि इन ग्रामीणों को मूल भूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। न सड़क है, न शिक्षा है, न पानी है, न स्वास्थ्य है। एक भी सुविधा इन ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है इस गांव के बच्चे बरसात के दिनों में स्कूल नहीं जाते।

जब कभी इस गांव में की बीमार होता है तो उसको बांस के सहारे झोली बना कर ग्रामीण मरीज को अस्पताल तक पैदल लेकर जाते हैं। पैदल इस लिए जाते हैं कि गांव में सड़क नहीं है और गांव तक एंबुलेंस नहीं आ पाती। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बाद ग्रामीण झोली बनकर बांस के सहारे अस्पताल लेकर जा रहे थे जिसका प्रसव रास्ते में ही हो गया। अस्पताल तक भी नहीं पहुंच पाए। आजादी के बाद भी ग्रामीण अपने आप को इस बदहाली से आजाद नहीं हो पाए। हमारी टीम जब इस गांव में कवरेज करने के लिए गई तो टीम की भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा इन रातों में मोटरसाइकिल से भी आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता। पगडंडियों से होकर गांव तक पहुंचे।
टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों की आंखों में चमक सी आ गई। ग्रामीणों ने कहा आप से पहले अभी तक इस गांव में की भी हमारी मुसीबतें देखने तक नहीं आया। कोई पूछने तक नहीं आया कि हम ग्रामीण किस तरह से अपना गुजर बसर कर रहे हैं। ग्रामीण यहां जिल्लत भरी जीवन यापन करने को मजबूर हैं। जब जनप्रतिनिधि ऐसा गैरजिम्मेदाराना जवाब होगा तो इन ग्रामीणों की कौन सुनेगा। क्या वाकई सत्तापक्ष के लोगों पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
वहीं जब जिला पंचायत CEO मेहताब सिंह गुर्जर से इस बारे में जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा कहा गया कि आप के माध्यम से संज्ञान में आया है। सीईओ जनपद पंचायत से इसकी जांच कराएंगे पता कराएं गे कि किस किस विभाग का कार्य है क्यों नहीं हो पा रहा है। कहां दिक्कत आ रही है। जांच कराएंगे , जल्दी ही समाधान कराया जाएगा।
सवाल यह उठता है जिला पंचायत CEO कहते हैं आप के माध्यम से संज्ञान में आया। जब की सरकारी तंत्र इनके पास है और इनकी जानकारी तक नहीं कि जिले में क्या हो रहा है कहा लोगों को क्या समस्या है। जब की ग्रामीणों द्वारा कई बार जिला सीईओ, कलेक्टर , विधायक सभी को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। फिर भी सीईओ साहब को मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। अरे भाई जब संज्ञान में आ ही गया है। तो समाधान कर दी जिए ग्रामीणों को इस बदहाली से बाहर निकलिए।
