यूजर चार्ज बढ़ोतरी पर बवाल

Uproar over user charge hike

रायपुर। रायपुर नगर निगम ने घर-घर कचरा कलेक्शन का यूजर-चार्ज बढ़ा दिया है। जिससे घरों पर 120 रुपए और दुकानदारों पर 600 रुपए का सलाना अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। अब इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस, आम लोग और व्यापारी वर्ग आवाज उठा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि, आज हालात ऐसे हैं कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का घर चलाना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सब कुछ महंगा हो चुका है। जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है।

कांग्रेस इस बढ़ोतरी के खिलाफ तेलीबांधा तालाब पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर सड़कों पर उतरी है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है और कहा कि यूजर चार्ज तभी लिया जाना चाहिए, जब निगम हर घर से नियमित कचरा कलेक्शन और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे।

अब महापौर मीनल चौबे ने कहा कि, यही कांग्रेस की परिषद ने 2022 में इस यूजर चार्ज को बढ़ाने का फैसला लिया था। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के साथ हुए अनुबंध में यह तय किया गया था कि, कंपनी को भुगतान यूजर चार्ज से किया जाएगा। यह अनुबंध भी कांग्रेस शासनकाल में ही स्वीकृत हुआ था।

महापौर ने माना है कि, शहर में अभी 100% कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है, लेकिन निगम का पूरा फोकस अब टैक्स वसूलने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने पर रहेगा।

इससे पहले 2022 में जब नगर निगम में कांग्रेस की परिषद थी, तब सामान्य सभा में भाजपा ने यूजर चार्ज बढ़ाने का जोरदार विरोध किया था। उस समय मौजूदा महापौर मीनल चौबे नेता प्रतिपक्ष थीं। आसंदी का घेराव करने पर भाजपा के 8 पार्षदों को निलंबित भी कर दिया गया था।

15 मार्च 2022 को नगर निगम में जब नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने संपत्तिकर और यूजर चार्ज को लेकर चर्चा की मांग की, तो सभापति प्रमोद दुबे ने बाद में चर्चा कराने कहा। इस पर भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया, डायस के पास जाकर नारेबाजी की। इन्हें निलंबित कर दिया गया।

भाजपा पार्षद कार्यालय के बाहर आ गए। महापौर इन्हें मनाने बाहर पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल अनुसुईया उइके भी आने वाली थीं। उनका संबोधन था। लेकिन भाजपा के लोग अंदर नहीं आए। लिहाजा सभापति प्रमोद दुबे ने सभा स्थगित कर दी।

इस दौरान राज्यपाल ने संबोधन दिया। सभा स्थगित होने के बाद जब भाजपा के लोग अंदर आने लगे, तो उन्होंने देखा कि भाजपा पार्षदों की कुर्सियों पर कांग्रेस के कार्यकर्ता बैठे हुए हैं, तो वे लोग बाहर चले गए। कुर्सियों को लेकर हंगामा किया।

आकाश तिवारी बोले- सफाई नहीं, फिर क्यों बढ़ाया चार्ज?

नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि, भाजपा सरकार की नीतियों का असर सबसे ज्यादा आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए थे और कचरा संग्रहण व्यवस्था भी प्रभावित रही।

आकाश तिवारी ने कहा कि यूजर चार्ज तभी लिया जाना चाहिए, जब नगर निगम हर घर से नियमित कचरा संग्रहण और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे। अभी कई इलाकों में सफाई सही नहीं है। महंगाई के दौर में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनता के साथ अन्याय है।

महापौर बोलीं- कांग्रेस के समय हुआ था फैसला

वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि यूजर चार्ज बढ़ाने की प्रक्रिया नई नहीं है। 2022 में तत्कालीन कांग्रेस परिषद ने यूजर चार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया था। उस समय भाजपा ने इसका विरोध किया था, लेकिन कांग्रेस परिषद ने नियमों और राजपत्र का हवाला देकर इसे मंजूरी दी थी।

उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी के साथ हुए अनुबंध में यह तय किया गया था कि कंपनी को भुगतान यूजर चार्ज से किया जाएगा। यह अनुबंध भी कांग्रेस शासनकाल में ही स्वीकृत हुआ था। यूजर चार्ज में जो बढ़ोतरी हुई है, वह उसी व्यवस्था का हिस्सा है।

यूजर चार्ज के साथ सफाई व्यवस्था में सुधार का दावा

महापौर ने माना कि अभी शहर में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं हो पा रहा है। हालांकि, नगर निगम की जिम्मेदारी है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। इसके लिए कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलें।

जनता और व्यापारियों में नाराजगी

यूजर चार्ज बढ़ने से आम लोगों और व्यापारी वर्ग में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पहले सफाई व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, उसके बाद ही अतिरिक्त शुल्क लिया जाए। बढ़ती महंगाई के बीच नए शुल्क का बोझ लोगों की जेब पर असर डालेगा।

प्रतीक तिवारी के मुताबिक ऐसे में यूजर चार्ज बढ़ाने जैसे फैसले जनता की मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं। सरकार को ऐसे फैसले लेने से पहले आम जनता की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।

व्यापारियों बोले- पहले सफाई व्यवस्था सुधारे निगम, फिर बढ़ाए यूजर चार्ज

व्यापारी अशोक पटेल ने कहा कि शहर में अभी भी कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो रही है और कचरा समय पर नहीं उठाया जाता। जब नगर निगम लोगों को बेहतर सफाई सुविधा नहीं दे पा रहा है, तब यूजर चार्ज बढ़ाना उचित नहीं है।

हीरालाल के मुताबिक नगर निगम लोगों से शुल्क तो वसूल रहा है। कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं होती और कचरा समय पर नहीं उठाया जाता। जब लोगों को पूरी सुविधा नहीं मिल रही है, तो यूजर चार्ज बढ़ाना उचित नहीं है।

यूजर चार्ज के खिलाफ कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान

यूजर चार्ज के विरोध में गुरुवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने तेलीबांधा तालाब के पास हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। कांग्रेस का दावा है कि सैकड़ों लोगों ने अभियान में शामिल होकर यूजर चार्ज वृद्धि और महंगाई के खिलाफ हस्ताक्षर किए।

बाद में हस्ताक्षरित फ्रेम को नगर निगम मुख्यालय के सामने लगाकर विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि फैसला वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

2017 के आदेश में था हर 3 साल में बढ़ोतरी का प्रावधान

राज्य सरकार ने 7 दिसंबर 2017 को जारी आदेश में स्पष्ट किया था कि, यूजर चार्ज की हर श्रेणी में हर तीन साल बाद बढ़ोतरी की जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में चार्ज तय किए गए थे।

क्या है यूजर चार्ज?

यूजर चार्ज वह शुल्क है, जो नगर निगम शहर में दी जाने वाली कुछ सेवाओं के बदले नागरिकों से वसूलता है। रायपुर में यह शुल्क मुख्य रूप से घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के परिवहन और सफाई व्यवस्था के संचालन के लिए लिया जाता है।

नगर निगम का तर्क है कि कचरा उठाने वाली एजेंसी और सफाई व्यवस्था पर होने वाले खर्च का एक हिस्सा यूजर चार्ज से पूरा किया जाता है। वहीं विरोध करने वालों का कहना है कि जब तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं होती, तब तक यूजर चार्ज बढ़ाना उचित नहीं है।

Exit mobile version