छत्तीसगढ़

ग्रेफाइट माइनिंग पर बवाल, मंत्रीरामविचार नेताम की गाड़ी घेरकर ग्रामीणों ने पूछा—गांव उजड़ेंगे तो पुल किस काम का?

Uproar over graphite mining: Villagers surround Minister Ramvichar Netam’s vehicle and ask—"If our villages are destroyed, what use is the bridge?"

बलरामपुर/ग्राम पंचायत कपिलदेवपुर में पुल के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय स्थिति गरमा गई, जब ग्रामीणों ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम की गाड़ी रोककर अपनी समस्या उनके सामने रखने का प्रयास किया। ग्राम पंचायत गिरवरगंज की सरपंच संस्कृति रक्सेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रस्तावित ग्रेफाइट माइनिंग का विरोध करते हुए अपनी नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि कपिलदेवपुर, गिरवरगंज सहित आसपास की करीब छह ग्राम पंचायतें प्रस्तावित ग्रेफाइट माइनिंग से प्रभावित हो सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी तरह की ग्रेफाइट माइनिंग नहीं होने देंगे और माइनिंग का लगातार विरोध करेंगे।

 

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पूरे क्षेत्र में माइनिंग होगी और गांव प्रभावित या विस्थापित हो जाएंगे, तो यहां बनाए जा रहे पुल का ग्रामीणों को क्या लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि जब गांव ही प्रभावित होने की स्थिति में होंगे तो पुल निर्माण किस काम का।

 

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग क्षेत्र में ग्रेफाइट माइनिंग नहीं करने की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांवों में माइनिंग नहीं होने देंगे और सरकार से प्रस्तावित ग्रेफाइट सर्वेक्षण को रद्द कराने की मांग कर रहे हैं।

 

संस्कृति रक्सेल, सरपंच गिरवरगंज ने कहा “हम सिर्फ मंत्री जी से मिलकर अपनी बातें और गांव की समस्याएं रखना चाह रहे थे, लेकिन हमें बार-बार रोका जा रहा था। मैं आक्रामक नहीं हूं कि मंत्री जी पर हमला कर दूंगी। वह हमारे भी मंत्री हैं। मैं सिर्फ मंत्री जी से माइनिंग और अपने ग्राम पंचायत से संबंधित समस्याएं बताना चाहती थी। जब मैंने मंत्री जी के सामने माइनिंग से जुड़ी समस्या रखी तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केंद्र का आदेश है और माइनिंग नहीं रुकेगी।

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