लोकेशन – रीवा मप्र | रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
धान खरीदी के भुगतान से लेकर रेत के कथित अवैध कारोबार तक मुद्दे उठाए; बिजली, अतिक्रमण और पट्टों की जांच की मांग
जवा। अतरैला क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मध्यप्रदेश किसानसभा तहसील इकाई जवा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानसभा ने 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम जवा को सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अतरैला में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
किसानसभा ने सेवा सहकारी समिति अतरैला में धान खरीदी और भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किसानों को समय पर भुगतान कराने की मांग की। समिति में मजदूरों की मजदूरी के भुगतान से जुड़े आरोपों की जांच कर मजदूरी दिलाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
तालाब और सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया गया। ग्राम पंचायत अतरैला के पूर्वी तालाब सहित आराजी नंबर 103 से अतिक्रमण हटाने और भूमिहीन परिवारों को पट्टे देने की मांग की गई।
बिजली विभाग की कथित मनमानी और उपभोक्ताओं से अधिक वसूली की जांच, खराब ट्रांसफार्मर बदलने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति की मांग रखी गई। वहीं टमस नदी में रेत के कथित अवैध कारोबार पर रोक लगाने और खनिज परिवहन की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में गरीब, दलित और आदिवासी परिवारों के पट्टों का डिजिटलीकरण और कब्जा दिलाने, गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, अतरैला बाजार में जलभराव दूर करने तथा बरसेही में उचित मूल्य की दुकान शुरू करने की मांग भी की गई।
किसानसभा ने कहा कि मांगें केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन को मौके पर कार्रवाई करनी होगी। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आमरण अनशन में बदलने की चेतावनी दी गई है।
कब्रिस्तान की जमीन पर बुलडोजर चलाने का आरोप, सीमांकन की मांग
चौखंडी में विद्यालय निर्माण को लेकर जमीन विवाद; मुस्लिम परिवार बोले- स्कूल बने, लेकिन कब्रिस्तान की जमीन सुरक्षित रहे
जवा। तहसील क्षेत्र के चौखंडी में विद्यालय निर्माण को लेकर जमीन विवाद सामने आया है। मुस्लिम परिवारों ने कथित कब्रिस्तान की जमीन पर बुलडोजर चलाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से भूमि का सीमांकन कराने और कब्रिस्तान की जमीन सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय का निर्माण हो, लेकिन कब्रिस्तान की जमीन प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मामला किसान महासभा के नेतृत्व में चल रहे आमरण अनशन के दौरान भी उठाया गया। किसान नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मुस्लिम समाज की कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे की स्थिति बन रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर पीडीए से जुड़े नेताओं और मुस्लिम समाज के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कथित कब्रिस्तान की भूमि का सीमांकन कराने, उसे सुरक्षित रखने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई।
एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसडीएम माइकल तिर्की ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें अभी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि संबंधित भूमि मुस्लिम समाज को कब्रिस्तान के लिए आवंटित की गई है और वहां अतिक्रमण या निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
