मध्यप्रदेश
एक ही बेंच के दो योद्धा बने देश के सेनानायक: 45 साल बाद रीवा सैनिक स्कूल पहुंचे थल सेना और नौसेना प्रमुख..
Two warriors from the same bench became the country's commanders: After 45 years, the Chiefs of the Army and Navy visited Rewa Sainik School.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
आर्मी चीफ बोले – इस स्कूल ने मेरे जीवन की नींव रखी, डिप्टी सीएम बोले – ऑपरेशन सिंदूर के दोनों हीरो रीवा में

रीवा। भारत के सैन्य इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब थल सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख एक ही राज्य, एक ही स्कूल और एक ही बैच से हैं। रीवा के सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शुक्रवार को 45 साल बाद अपने स्कूल लौटे। दोनों ने यहां आयोजित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में हिस्सा लिया।

सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों अधिकारी रीवा पहुंचे। एयरपोर्ट पर मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर रही। सैनिक स्कूल पहुंचकर दोनों दिग्गज अपने पुराने दिनों में लौट गए। उन्होंने अपने साथियों और शिक्षकों को याद किया और छात्रों से आत्मअनुशासन व समर्पण की प्रेरणा लेने की बात कही।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा – “सैनिक स्कूल में दोबारा लौटना मेरे लिए गौरव का क्षण है। इसी विद्यालय ने मेरे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन की नींव रखी। सुबह की फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर क्लासरूम की पढ़ाई, खेल के मैदान की चुनौतियां और हॉस्टल का अनुशासन – इन सबने मुझे एक सैनिक और जिम्मेदार नागरिक बनाया।”

उन्होंने यह भी बताया कि सैनिक स्कूल रीवा ने हाल ही में UPSC परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। 38 विद्यार्थियों ने लिखित परीक्षा पास की और 10 छात्रों को NDA में प्रवेश मिला है। स्कूल को चार बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया जा चुका है।
वहीं, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने छात्रों को मेहनत और लगन बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि यह स्कूल केवल सैनिक तैयार नहीं करता, बल्कि देश के लिए समर्पित नागरिक गढ़ता है।
कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दोनों सेना प्रमुखों का स्वागत करते हुए कहा – “आज विंध्य की धरती गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर के दोनों हीरो आज हमारे बीच हैं। यह केवल सैन्य पराक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।”
रीवा के सपूत जनरल उपेंद्र द्विवेदी जिले के गढ़ स्थित मुडिला गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता स्व. श्रीकृष्ण द्विवेदी प्रदेश के पहले माइनिंग अफसर रहे। परिवार में बड़े भाई डॉ. पी.सी. द्विवेदी रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन रह चुके हैं, जबकि दूसरे भाई पी.एस. द्विवेदी भोपाल में सिंचाई विभाग से चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हुए।
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का संबंध सतना जिले से है। वे 1 जुलाई 1985 को नौसेना की कार्यकारी शाखा में नियुक्त हुए और आईएनएस विनाश, किर्च व त्रिशूल जैसे जहाजों की कमान संभाल चुके हैं। वे वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे हैं।
सैनिक स्कूल, रीवा में 25 से 31 अक्टूबर तक “अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता” आयोजित हुई, जिसमें देशभर के 36 सैनिक स्कूलों के 460 छात्र विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे थे। समापन समारोह में दोनों सेना प्रमुखों ने प्रतिभाशाली छात्रों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।



