यौन शोषण केस में ट्रंप पर भारी जुर्माना

Trump hit with heavy fine in sexual abuse case

वशिंगटन। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील खारिज होने के बाद उन्हें लेखिका और पूर्व पत्रकार ई. जीन कैरोल को भारी-भरकम हर्जाना देने का आदेश जारी किया है। संघीय न्यायाधीश लुईस कपलान ने बुधवार को निर्देश दिया कि ट्रंप को अदालत में 50 लाख डॉलर (लगभग 48 करोड़ रुपये) की मूल राशि जमा करनी होगी। हालांकि, ब्याज जुड़ने के बाद अब लेखिका को मिलने वाली कुल राशि लगभग 58 लाख डॉलर हो जाएगी।

यह कदम तब उठाया गया जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 के मूल अदालती फैसले के खिलाफ ट्रंप की अंतिम अपील पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। उस मूल फैसले में जूरी ने ट्रंप को कैरोल के यौन उत्पीड़न के लिए 2 मिलियन डॉलर और उनके खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां करने के लिए 3 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश सुनाया था। सर्वोच्च न्यायालय के इस रुख के बाद निचली अदालत का यह निर्णय अब पूरी तरह अंतिम और बाध्यकारी हो गया है।

क्या है यह पूरा विवाद?

वर्तमान में 82 वर्ष की हो चुकीं पूर्व मैगजीन कॉलमिस्ट ई. जीन कैरोल ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1996 में न्यूयॉर्क के एक नामी डिपार्टमेंटल स्टोर के चेंजिंग रूम में डोनाल्ड ट्रंप ने उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। जब कैरोल ने 2019 में अपनी एक किताब के माध्यम से इस घटना को सार्वजनिक किया, तो ट्रंप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कैरोल को “पागल” और पब्लिसिटी की भूखी बताते हुए दावा किया था कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत है।

इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां 2023 में न्यूयॉर्क की एक फेडरल जूरी ने ट्रंप को यौन शोषण और लेखिका की छवि धूमिल करने का दोषी करार दिया था। अब सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को इस तय राशि का भुगतान ब्याज सहित करना होगा।

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