प्रशिक्षु छात्राएं आत्मविश्वास रखें, तकनीकी दक्षता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Trainee students should maintain self-confidence and stay connected to their roots alongside acquiring technical proficiency: Chief Minister Dr. Yadav.

प्रशिक्षु छात्राएं आत्मविश्वास रखें, तकनीकी दक्षता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास देश की युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री ने शासकीय आदिवासी महिला आईटीआई में किया प्रशिक्षु छात्राओं से संवाद
प्रशिक्षण और योजनाओं की जानकारी ली

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें, तकनीकी दक्षता के साथ अपनी जड़ों और खेती से भी जुड़े रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु छात्राओं से संवाद कर रहे थे। लोक निर्माण मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी श्री राकेश सिंह, सांसद श्री विवेक बंटी साहू, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षु छात्राओं से उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं तथा शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त हो रहे लाभ के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मैकेनिकल लैब में उन्होंने सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा लेथ मशीन पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं की सराहना की।

फिटर ट्रेड की प्रशिक्षु सुषमा उइके ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके माता-पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और वह तकनीकी प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रा से कहा “इसी आत्मविश्वास को बनाए रखिए”। तकनीकी कौशल के साथ खेती से भी जुड़े रहिए।

संवाद के दौरान प्रशिक्षु राधा उड़के ने बताया कि वह प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग खेती-किसानी में भी करेंगी तथा भविष्य में स्वयं की टेक्निशियन मशीन और हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने उनके संकल्प की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में भी जानकारी ली। प्रशिक्षु मीना करवेती ने आत्मविश्वास के साथ ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बाइंडिंग, पंखा मरम्मत, वायरिंग तथा मशीन पार्ट्स को जोड़ने जैसे तकनीकी कार्यों में दक्षता प्राप्त है और वे सभी कार्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए करती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं के उत्साह और प्रतिबद्धता से प्रभावित होकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल अपना जीवन बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कौशल और ज्ञान से समाज तथा अन्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की भी है।

संस्थान में फिटर ट्रेड के प्रशिक्षुओं ने ‘वेस्ट टू आर्ट’ की अवधारणा पर तैयार आकर्षक गिटार तथा वेस्ट से निर्मित तोप मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नवाचार और तकनीकी कौशल का ऐसा समन्वय युवाओं की प्रतिभा और सृजनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संस्थान की प्रवेश विवरणिका भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री के साथ प्रशिक्षु छात्राओं ने सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान परिसर में मलबरी (शहतूत) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

 

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