मध्यप्रदेश
बरदहा घाटी में आवागमन होगा सुगम, तीन मोड़ों में पार होगी घाटी, शीघ्र शुरू होगा सिरमौर–डभौरा रोड निर्माण कार्य
Traffic will be smooth in the Bardaha Valley, the valley will be crossed in three turns, construction work of Sirmour-Dabhora road will start soon.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा

रीवा। रीवा से डभौरा तक सड़क निर्माण को लेकर बड़ी राहत की खबर है। सिरमौर से डभौरा सेक्शन के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए 311 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि सिरमौर–डभौरा सड़क अत्यंत महत्वपूर्ण है और जनआकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने बरदहा घाटी में सुधार को आवश्यक बताते हुए कहा कि अतरैला और पटेहरा में सड़क के साथ पर्याप्त चौड़ी नालियों का निर्माण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में सड़क को नुकसान न हो। उन्होंने सभी स्थानों पर सड़क की चौड़ाई 18 मीटर रखने के निर्देश दिए।
सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह ने कहा कि सड़क का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है। पटेहरा, अतरैला, लटियार एवं पनवार में सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में घर और दुकानें हैं, इसलिए निर्माण में स्थानीय निवासियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने तकनीकी मापदंडों के साथ-साथ व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि सिरमौर–डभौरा रोड निर्माण से 27 गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से 3 गांवों में भू-अर्जन की आवश्यकता नहीं है। शेष 24 गांवों के लिए भू-अर्जन प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। सड़क निर्माण में यथासंभव शासकीय भूमि का उपयोग किया जाएगा। बरदहा घाटी में वर्तमान में 10 से अधिक मोड़ हैं, जबकि निर्माण पूर्ण होने के बाद घाटी केवल तीन मोड़ों में पार हो सकेगी। कई खतरनाक मोड़ों को सीधा किया गया है।
एनएचआई के कार्यपालन यंत्री एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि सड़क निर्माण की पूरी योजना तैयार है और प्रभावित वन भूमि के लिए अनुमति प्रस्तावित है, जिसके इसी माह मिलने की संभावना है। सड़क के साथ नाली निर्माण, कस्बों में बिजली व्यवस्था तथा अतरैला एवं पटेहरा में बेहतर जल निकासी के प्रबंध किए जाएंगे। नए एलाइनमेंट में निजी भूमि और परिसंपत्तियों पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित किया गया है।
बैठक में एसडीएम जवा पीयूष भट्ट, तहसीलदार जितेन्द्र तिवारी, नायब तहसीलदार अनुपम पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



