लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद । गरियाबंद मे सावन माह के चौथे और अंतिम सोमवर को विश्व प्रसिद्ध स्वयम्भू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ महादेव में जलाभिषेक करने कांवरियों एवं शिवभक्तों की बड़ी संख्या में भीड़ लगी है। शिवभक्ति के लिए सावन महीना को बहुत ही पवित्र माना गया है। जिसके चलते प्रतिवर्ष सावन के पवित्र माह में हजारों की संख्या में यहां शिवभक्त जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करने पहुंचे है।
गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर घने जंगलों में ग्राम मरौदा स्थित है जहाँ सुरम्य वनों एवं पहाड़ियों से घिरे अंचल में प्रकृति प्रदत्त विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग विराजमान है। जिसका आकार हर साल बढ़ते ही जा रहा है। यह शिवलिंग प्राकृतिक रूप से निर्मित है। गरियाबंद जिले में स्थित इस शिवलिंग को भूतेश्वरनाथ के नाम से पुकारा जाता है।
इस शिवलिंग को देखने हर प्रांत के लोग प्रतिदिन आते ही रहते हैं,
यहां हर साल पैदल कांवर लेकर आने वाले शिवभक्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होते ही जा रही है। वही हर साल भूतेश्वरनाथ मे श्रद्धांलुओं और मंदिर समिति द्वारा कांवरियों के विश्राम और भोजन की व्यवस्था कि जाती है।
सावन के महीने में यहां कांवरियों और शिवभक्तों की भीड़ हजारों की संख्या में जुटती है, जिससे कि पूरा अंचल शिवमय हो जाता है। हर तरफ बोल बम और ओम नमः शिवाय के जयकारों से गुंजायमान रहता है।
