छत्तीसगढ़
देवभोग में टीआई फैजुल होदा साह का ‘ऑपरेशन सफाया’ — अपराधियों में दहशत, जनता में भरोसा, 53 पंचायत में अपराध नेटवर्क ध्वस्त
TI Faizul Hoda Sah's 'Operation Safaaya' in Devbhog - terror among criminals, trust in public, crime network destroyed in 53 panchayats

देवीचरण ठाकुर
देवभोग/गरियाबंद । देवभोग की गलियों से लेकर चौराहों और गांव की चौपाल तक इन दिनों एक ही नाम गूंज रहा है — फैजुल होदा साह!
थाना प्रभारी के पद पर आते ही उन्होंने जो काम किया, वह किसी फिल्मी ‘क्लीनअप ड्राइव’ से कम नहीं। अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, अवैध कारोबार पर नकेल और समाज विरोधी तत्वों पर सख्त कार्रवाई ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया है।
ताबड़तोड़ कार्रवाई — अपराधियों के दिन लद गए
टीआई फैजुल होदा साह ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया था कि देवभोग में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं। इसके बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सफाया —
अवैध तस्करी पर सीधा प्रहार, तस्करों के ठिकाने ढहाए गए।
शराब माफिया और ताड़ी-छिंद रस कारोबारियों की कमर तोड़ी गई।
गौ तस्करों पर शिकंजा कसा, कई गिरफ्तारियां।
महिलाओं से प्रताड़ना, सड़क दुर्घटना, हिंसक विवाद जैसे मामलों में तुरंत एक्शन।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना, स्कूल-कॉलेज के पास नशे का कारोबार पर ताबड़तोड़ छापे।
यह कार्रवाई इतनी तेज और सटीक थी कि अपराधियों को समझ ही नहीं आया कि उन्हें घेरा कैसे गया।
सिंडिकेट ध्वस्त — 53 पंचायतों में खामोशी
स्थानीय लोगों का कहना है कि 53 पंचायतों में फैला अवैध शराब का नेटवर्क अब इतिहास बन चुका है। जहां कभी आधी रात को बोतलों की खनखनाहट सुनाई देती थी, अब वहां सन्नाटा है।
एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया, “पहले शराब और ताड़ी हर गली में बिकती थी, अब बच्चे भी चैन से स्कूल जा रहे हैं।”
जनता की ज़ुबान पर एक ही नाम — फैजुल होदा साह
देवभोग के बाजार में सब्ज़ी बेचने वाली महिला कहती है, – “टीआई साहब आए तो लगा कोई अपने घर का आदमी आया है, जो हमें इन शराबियों और गुंडों से बचा लेगा। अब रात को डर नहीं लगता।”
युवा वर्ग भी इस बदलाव को महसूस कर रहा है। चाय की दुकान पर बैठे एक युवक ने कहा – “वाह, क्या टीआई आया है! पूरा सोफड़ा साफ कर दिया… अब देवभोग का नाम बदनाम नहीं होगा।”
अपराधियों में डर, आम लोगों में राहत
पुलिस की सक्रियता का असर इतना गहरा है कि अब अपराध करने से पहले लोग सौ बार सोचने को मजबूर हैं। पहले जो लोग खुलेआम शराब बेचते थे, अब घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि कई कुख्यात बिचौलिए इलाके छोड़कर बाहर चले गए हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां बचना नामुमकिन है।
मीडिया पड़ताल भी कर रही पुष्टि
मीडिया पड़ताल के दौरान 53 पंचायतों के लोगों ने एक सुर में कहा कि फैजुल होदा साह जैसे ईमानदार और सख्त टीआई का आना देवभोग के लिए वरदान है। उनकी कार्यशैली पारदर्शी है और कार्रवाई में किसी तरह का पक्षपात नहीं होता।
पुलिस की छवि में क्रांतिकारी सुधार
देवभोग पुलिस के इस अभियान ने कानून व्यवस्था को तो मजबूत किया ही है, साथ ही पुलिस की छवि भी बदल दी है। जहां पहले लोग शिकायत दर्ज कराने में हिचकते थे, अब वे खुद थाने पहुंचकर मदद मांग रहे हैं।
फैजुल होदा साह का साफ संदेश है — “कानून तोड़ने वालों के लिए देवभोग में कोई जगह नहीं! चाहे वो कितना भी बड़ा नाम या रसूख रखता हो।”
भविष्य की तैयारी — अपराध पर स्थायी रोक
टीआई साहब केवल कार्रवाई करके नहीं रुक रहे हैं, बल्कि अपराध के जड़ कारणों पर भी काम कर रहे हैं। स्कूलों के पास नशा रोकने, युवाओं को खेल और शिक्षा की तरफ मोड़ने और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
देवभोग में फैजुल होदा साह की मौजूदगी अपराधियों के लिए मुसीबत और आम लोगों के लिए राहत बन गई है। उनकी सख्ती, तत्परता और ईमानदारी ने न केवल अपराध का ग्राफ गिरा दिया है, बल्कि जनता के दिल में पुलिस के लिए नया भरोसा भी पैदा किया है।
आज देवभोग के लोग गर्व से कहते हैं — “हमारे पास ऐसा टीआई है, जो सच में जनता के लिए काम कर रहा है।”



