600 की आबादी वाले गांव में आज तक एक भी पक्की सड़क नही, बच्चो को स्कूल जाने के लिए किचड़ से होना पड़ता है लथपथ

रिपोर्टर : लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी ब्लॉक मैनपुर में आज भी कई ऐसे गांव है’ जहां विकास केवल फाइलों में ही पहूंची है। ग्राम पंचायत धोबनमाल के आश्रित ग्राम डोंगरीभांठा भी उन्ही बदनसीब गांव में से एक है। 600 की आबादी और 400 मतदाता वाले गांव में एक भी पक्की सड़क नही है। ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय आना हो या फिर बच्चो को स्कूल जाना हो तो सभी को किचड़ से लथपथ कच्ची सड़क में जाना होता है। कीचड़ से सने सड़क में ही बच्चे अपने भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं।
गर्भवती माताओं के लिए बारिश भर जोखिम भरा होता है। ग्रामीण सड़क के लिए सालो से मांग करते आ रहे हैं, शासन प्रशासन तो उनकी गुहार सुनता नहीं, नेता और जनप्रतिनिधियो को तो बस चुनाव के समय ही गांव की याद आती है। ग्रामीणों को झूठे सपने दिखाकर नेता हर बार वोट बटोरने में कामयाब हो जाते हैं फिर पलट कर दोबारा गांव को देखते ही नही। मामले में प्रशासन उक्त सड़क को सीएम सड़क परियोजना के लिए सूचीबद्ध करने की बात कह रहे हैं, पर कैमरे के सामने आकर सड़क बनाने की गारंटी देने से साफ इंकार कर रहे हैं।



