आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रत्येक सदस्य के सूचना का अधिकार होगा
रायपुर. कल सुबह रायपुर प्रेस क्लब का प्रतिष्ठित चुनाव सम्पन्न होने जा रहें हैं। प्रेस क्लब पत्रकारों और बृद्धिजीवियों की वह संस्था है जो कलम,माइक और कैमरे के साथ जनता की आवाज पत्रकारिता के माध्यम से बुलंद करने के लिए जानी जाती हैं। पिछले 7 सालों के कुप्रबंधन और तानाशाही से पत्रकारो के बीच भारी आक्रोश है। इस बार सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि प्रेस क्लब की पुरानी प्रतिष्ठा और पंरपरा को वापस संजोया जायेगा। पिछले दो बार से प्रशासनिक अमले द्वारा करायें जाने से प्रेस क्लब की गरिमा और साख भी धूमिल हो गई है, जिसे बचाने की जरूरत सभी पत्रकारों को ना सिर्फ महसूस हो रही है बल्कि शिद्दत से तैयारियां भी हो रही है।
रायपुर प्रेस क्लब चुनाव 2026 का ये चुनाव अब महज प्रक्रिया नहीं रह गया है,बल्कि राजधानी रायपुर और प्रेस क्लब की गरिमा और पूरे पत्रकारिता जगत में व्यवस्था और भविष्य की जंग बन चुका है। पिछले तीन दिनों से प्रेस क्लब के चुनावी परिदृश्य में एक राजनीतिक भूचाल आ गया है और वैचारिक विरोध या मतभेदों को भूला कर राजधानी के पत्रकार बस अब एक ही टैगलाइन में एकजुट हो गए हैं कि ” किसी थी तरह प्रेस क्लब की खोई हुई प्रतिष्ठा को कैसे वापस संजोया जा सकता है ?”
कई पत्रकार साथियों ने यह माना है कि अब प्रेस क्लब में प्रयोगात्मक रुख़ नहीं रखा जायेगा और वरिष्ठ सदस्यों में से ही एक चुना जायेगा। क्योंकि वह ही प्रेस क्लब की धूमिल प्रतिष्ठा को बचा सकता है। अब प्रेस क्लब में सिर्फ पत्रकारों के लिए आवास,सुरक्षा,रोजगार – प्रशिक्षण और सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।प्रेस क्लब के मूलभूत संसाधनों को पत्रकारों के अधिकार के रूप में स्थापित किया जाएगा। आय व्यय का लेखा-जोखा प्रत्येक सदस्य का अधिकार होना चाहिए और सूचना का अधिकार सभी सदस्यों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए।
