मध्यप्रदेश
विंध्य के सपूत का महुडर में नागरिक अभिनंदन — नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी बोले, गांव और सैनिक स्कूल के संस्कारों ने दी सफलता की दिशा
The son of Vindhya received a civic reception in Mahudra – Navy Chief Admiral Dinesh Tripathi said, the values of village and military school guided him towards success.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल बोले – ऑपरेशन सिंदूर के दोनों हीरो ने बढ़ाया देश का मान

रीवा, विंध्य क्षेत्र के लिए शुक्रवार का दिन गर्व और गौरव से भरा रहा, जब उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सतना जिले के ग्राम महुडर में भारतीय नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का भव्य नागरिक अभिनंदन किया।
एडमिरल त्रिपाठी के गृहग्राम महुडर में आयोजित इस समारोह में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। रीवा और सतना की सीमाओं पर बसे इस छोटे से गांव में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य की माटी के सपूतों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अप्रतिम वीरता दिखाकर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
उन्होंने कहा – “हम सबके लिए यह गौरव का क्षण है कि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, दोनों ही सैनिक स्कूल रीवा के विद्यार्थी रहे हैं और आज देश की थल व जल सेनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं। यह विंध्य के लिए गर्व की बात है।”
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना प्रमुख जैसा सर्वोच्च पद हासिल किया, जो यह साबित करता है कि मेहनत, समर्पण और अनुशासन से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि “एडमिरल त्रिपाठी की सरलता, सहजता और मातृभूमि के प्रति प्रेम अनुकरणीय है। विन्ध्य की धरती और महुडर की माटी धन्य है, जिसने ऐसे सपूत को जन्म दिया।”
समारोह में भावुक होते हुए एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा – “मैं गरीब परिवार का गांव का बेटा हूं। मुझे गांव और सैनिक स्कूल से मिले संस्कारों ने जीवन को नई दिशा दी। मेरे चाचा श्री रामलखन शर्मा ने हमेशा शिक्षा और करियर के लिए प्रेरित किया। सैनिक स्कूल के अनुशासन और परिश्रम ने मेरी सफलता का मार्ग प्रशस्त किया।”
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा – “आत्मविश्वास और सतत परिश्रम से ही सफलता मिलती है। देश के विकास में हर व्यक्ति की भूमिका अहम है। मैं साधारण परिवार से आया, पर अपने सपनों को सीमित नहीं किया। आपकी शुरुआत चाहे जहां से हो, सफलता की उड़ान आपकी मेहनत तय करती है।”
एडमिरल त्रिपाठी ने कार्यक्रम में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल महुडर को आईएनएस विक्रांत की जलपोत प्रतिकृति भेंट की और दो मॉडल कक्षों के निर्माण हेतु 2 लाख रुपए का योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि विंध्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें अवसर और प्रोत्साहन देने की।
समारोह में एडमिरल त्रिपाठी की धर्मपत्नी श्रीमती शशि त्रिपाठी का भी सम्मान किया गया।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनित शैलेश मिश्रा और प्रियांशु पांडेय को भी उप मुख्यमंत्री और नौसेना प्रमुख ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सैनिक स्कूल रीवा के प्राचार्य कर्नल अविनाश रावल ने एडमिरल त्रिपाठी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला, जबकि सेवानिवृत्त सीसीएफ डॉ. एस.पी.एस. तिवारी ने बचपन की यादें साझा कीं।
वरिष्ठ पत्रकार संजय पांडेय, प्रकल्प सिंह तिवारी और सज्जन सिंह तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह में एकेएस यूनिवर्सिटी के संचालक एके सोनी ने विश्वविद्यालय की पुस्तिका उप मुख्यमंत्री और नौसेना प्रमुख को भेंट की।
कार्यक्रम का संचालन पत्रकार जयराम शुक्ल ने किया।
इस अवसर पर पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती संगीता सिंह तिवारी, सरपंच इन्द्रमनिया देवी, जनपद सदस्य आरती तिवारी, संतोष मिश्रा, राजेन्द्र शुक्ला, शशिकांत सिंह तिवारी, महेन्द्र पांडेय, बद्रीविशाल तिवारी, रामनरेश निष्ठुर सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



