हर साल बढ़ रहा है महादेव का आकार, भूतेश्वरनाथ के चमत्कार के आगे विज्ञान भी हैरान!
The size of Mahadev increases every year; even science is amazed by the miracle of Bhuteshwarnath!
लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में कई शिव मंदिर हैं. लेकिन यदि सबसे अलग शिव मंदिर की बात होती है तो गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज ही 3km दूर ग्राम मरौदा के घने जंगलो के बीच मे स्वयंभू शिवलिंग भूतेश्वरनाथ का नाम सबसे पहले आएगा.भूतेश्वर नाथ महादेव जागृत माने गए हैं. क्योंकि साल दर साल यह स्वयंभु शिवलिंग का आकार बढ़ता जा रहा है. मौजूदा समय में भूतेश्वरनाथ का आकार 80 फीट तक पहुंच चुका है.यही वजह है कि इस शिवलिंग के दर्शन करने के लिए देश के कई राज्यों के साथ विदेशी नागरिक भी गरियाबंद पहुंचते हैं.
सावन में उमड़ी भक्तों की भीड़ :
सावन के पहले सोमवार पर प्राकृतिक स्वयंभु शिवलिंग भूतेश्वरनाथ के दर्शन करने के लिए हजारों की भीड़ पहुंची है . सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगने लगा. इस मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इस साल समिति ने कई तरह की व्यवस्थाएं की हैं ताकि लोगों को परेशानी ना हो.
ऐसी मान्यता है कि यह शिवलिंग साल दर साल बढ़ रहा है. हर साल महाशिवरात्रि पर जब नाप किया जाता है तो शिवलिंग आधा इंच बढ़ा हुआ मिलता है. इस शिवलिंग को स्वयंभू शिवलिंग भी कहा जाता है. मान्यता अनुसार यह धरती से स्वयं प्रकट हुआ है.
कब हुई थी स्थापना :
इस मंदिर की खोज लगभग तीस साल पहले हुई थी, जब चारों तरफ घने जंगल थे. इन घने जंगलों के बीच मौजूद एक छोटे से टीले से, आसपास के गांव वालों को बैल के हुंकारने की आवाज आती थी. लेकिन जब ग्रामीण नजदीक जाते तो उन्हें कोई भी जानवर नहीं दिखता.धीरे धीरे ग्रामीणों की आस्था टीले के प्रति जागृत हुई. सभी लोगों ने टीले को शिव का रूप मानकर पूज करना शुरू किया. आज वही छोटा सा टीला एक विशाल शिवलिंग का आकार ले चुका है.
कितनी है शिवलिंग की ऊंचाई :
80 फीट ऊंचा और 290 फीट गोलाई लिए हुए यह विश्व का विशालतम प्राकृतिक स्वयंभु शिवलिंग भूतेश्वर नाथ है. 1959 में प्रकाशित कल्याण पुस्तिका में भी इसका उल्लेख है. बताया जाता है कि शिवलिंग जब तीन फीट का था, तब से इसका पूजा पाठ शुरू हुआ. इसके बाद से शिवलिंग का आकार बढ़ने लगा. कई बार शिवलिंग के आकार को नापा जा चुका है. हर बार इसका आकार पिछली बार के मुकाबले ज्यादा होता है.



