लोकेशन – रीवा रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा/सिरमौर। आस्था का केंद्र दीनोद्धर शिवधाम तक पहुंचने का मार्ग बीते तीन वर्षों से बंद पड़ा है। नहर खुदाई के बाद से रास्ते पर पुल निर्माण न होने से शिवभक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रावण मास, हरतालिका तीज, कार्तिक पर्व और महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर जहां हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए जुटते थे, वहीं अब भक्त दुर्गम रास्तों से होकर भी पहुंच नहीं पा रहे।
30 गांवों से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस शिवधाम तक का मार्ग मेंटेना कंपनी और नहर विभाग की लापरवाही के कारण बाधित है।
ग्रामीण और भक्त लगातार विभागीय अधिकारियों व कंपनी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगा चुके हैं।
विधायक और सांसद दोनों ही स्थल निरीक्षण कर आश्वासन तो दे चुके, मगर ज़मीनी हकीकत अब भी जस की तस है।
भक्तों की पीड़ा –
नहर खुदाई के बाद से मार्ग बाधित
पुल निर्माण न होने से पहुंच असंभव
महिलाएं हरतालिका तीज और श्रावण में पूजा से वंचित
विशाल शिवरात्रि मेला भी ठप
प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौन
शिवभक्तों का सवाल है कि जब विधायक और सांसद दोनों स्वयं भोलेनाथ के उपासक हैं, तो फिर शिवधाम तक पहुंचने का मार्ग क्यों अब तक वाधामुक्त नहीं कराया गया?
ग्रामीण और श्रद्धालु महिलाओं ने आज पुनः निवेदन किया है कि
दीनोद्धर शिवधाम का मार्ग तुरंत खोला जाए।
पुल व आवश्यक सुविधाओं का निर्माण शीघ्र कराया जाए।
आस्था का अपमान कब तक बर्दाश्त करेंगे शिवभक्त?
