रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चूहा महाजन टोला में शनिवार सुबह एक साल का मासूम खेलते-खेलते पिलर निर्माण के लिए खोदे गए लगभग 10 फीट गहरे और एक फीट चौड़े गड्ढे में गिर गया। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गड्ढा बेहद संकरा होने के कारण सीधे रेस्क्यू संभव नहीं था। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए मूल गड्ढे के समानांतर दूसरा गड्ढा खोदना शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।बताया गया है कि शिवेंद्र केवट (1 वर्ष), पिता बाबू केवट, सुबह करीब 6 बजे घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक गहरे गड्ढे में जा गिरा। दो घंटे तक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा, जबकि परिजन और ग्रामीण उसकी सलामती के लिए दुआ करते रहे।
मासूम को बाहर निकालने के बाद पुलिस तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। जांच में बच्चा पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।गोविंदगढ़ पुलिस की तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता के चलते एक मासूम की जान बच सकी। क्षेत्र में थाना प्रभारी अरविंद राठौर और उनकी टीम के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा हो रही है।
“जहां हर पल सांसें थमने का डर था, वहां गोविंदगढ़ पुलिस उम्मीद बनकर पहुंची और मासूम को नई जिंदगी दे गई।”
