बसरेही गांव में अस्पताल की मांग पर उग्र हुआ आंदोलन, सातवें दिन भी जारी आमरण अनशन.. अस्पताल शिफ्ट करने की चर्चा से भड़के ग्रामीण, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप..
The protest in Basrehi village turned violent demanding a hospital, the fast unto death continued for the seventh day. Villagers got enraged over the discussion of shifting the hospital, leveled serious allegations against the administration.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले के जवा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बसरेही में अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सातवें दिन भी ग्रामीणों का आमरण अनशन जारी रहा, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा पहले बसरेही में अस्पताल निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई थी, जिससे क्षेत्र के कई गांवों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन अब अस्पताल को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की चर्चा से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही है, वहां आबादी कम है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। वर्तमान में अस्पताल की सुविधा न होने के कारण लोगों को इलाज के लिए जवा, अतरैला और चौखड़ी जैसे दूरस्थ स्थानों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियां उठानी पड़ती हैं।
आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक बसरेही में अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। इस बीच ग्रामीणों ने जवा अस्पताल में पदस्थ बीएमओ पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीएमओ के परिवार द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर उसे आबादी के रूप में दर्ज करवा लिया गया है। इसके बावजूद अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया गया और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई हुई।
शनिवार को आमरण अनशन स्थल पर तहसीलदार राजेश शुक्ला और अतरैला थाना प्रभारी विजय सिंह परिहार पुलिस बल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। हालांकि राजस्व विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी साफ नजर आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा



