रिपोर्टर लोकेश्वर सिन्हा
लोकेशन गरियाबंद
गरियाबंद जिला शिक्षा विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में प्राचार्य की बहाली को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, बीते 17 अक्टूबर 2025 को अनुशासनहीनता, शैक्षणिक गुणवत्ता में कमी और भारी अव्यवस्थाओं के चलते निलंबित की गई प्राचार्य श्रीमती वंदना पांडे को जिला शिक्षा अधिकारी ने अभी 4 फरवरी को पुन: उसी स्कूल में बहाल कर दिया है, जबकि सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें वृंदावन स्कूल भेजा जा रहा था मगर जिद के आगे जिला प्रशासन भी नतमस्तक हो गया। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को लोक शिक्षण संचालनालय के 10 अक्टूबर को जारी किए गए नियमों का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है, जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि निलंबित कर्मचारी की बहाली होने पर उसे किसी शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय स्कूल में पदस्थ किया जाए, न कि उसी संस्था में जहाँ से उसे निलंबित किया गया हो, इस बहाली के विरोध में स्कूल के लगभग सभी 28 शिक्षकों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपा है। शिक्षकों ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए उल्लेख किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान भी प्राचार्य द्वारा उन्हें देख लेने की धमकी दी जाती थी। शिक्षकों का कहना है कि वंदना पांडे उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करती रही हैं और यदि उन्हें पुनः इसी स्कूल में पदस्थ किया गया, तो वे सभी शिक्षकों को फिर से परेशान करेंगी। वहीं, 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भी प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके अंतर्गत पढ़ाई न करने की इच्छा जताई है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।