गरियाबंद – गरियाबंद जिले में स्वास्थ विभाग की बदहाली का आलम इस तस्वीर को बयां करने के लिए काफी है, तस्वीरें बेहद चिंताजनक है, गरियाबंद जिले का मैनपुर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में बसे भालुडिग्गी गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं नामक चीज ही नहीं है, यही वजह है कि 17 किलोमीटर की कठिन और दुर्गम पहाड़ी कंटीले जंगलों को पार कर ग्रामीणों ने बीमार मन्नू नेताम को खाट कांवर नुमा बिस्तर बनाकर और उसमें लादकर लगभग 17 किलोमीटर पैदल रास्ते का उपयोग कर कुल्हाड़ीघाट पहुंचे समय रहते सरकारी एम्बुलेंस नहीं मिली तो निजी वाहन से पहले मैनपुर स्थित स्वास्थ केंद्र ले जाया गया, जहां मरीज की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद जिला अस्पताल दाखिल किया गया एक तरफ केंद्र और राज्य सरकारें मुफ्त चिकित्सा और बेहतर स्वास्थ सुविधाएं होने का दावा करते है, दूसरी ओर ये तस्वीर उन दावों की उस हकीकत को झुठलाती है, कि सरकारी दावे सिर्फ और सिर्फ सरकार की वाहवाही, और कागजों तक ही सीमित रहती है, बहरहाल क्षेत्र के विधायक जनक राम ध्रुव भी अब सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहे है, उनका भी साफ तौर पर कहना है, कि कई बार इलाके में सड़क, शिक्षा, पानी, और स्वास्थ जैसे मूलभूत सुविधाओं को लेकर आमजन और जनप्रतिनिधियों के द्वारा मांगे और प्रदर्शन की गई मगर अबतक इन मांगों में न तो अमल किया गया और न ही इन ग्रामीणों की किसी ने सुध ली नतीजा सबके सामने है, अब इसे सिस्टम की नाकामी कहें या जिम्मेदारों की गैर जिम्मेदाराना रवैया।
