भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा पर लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन के माध्यम से निदेशक प्रभारी ने कार्मिकों से किया सीधा संवाद

The Director-in-Charge engaged in a direct dialogue with personnel at the Bhilai Steel Plant through a 'Large Group Interaction' focused on safety.

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र में 24 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा पर लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने संयंत्र के अधिकारियों, कार्मिकों, पर्यवेक्षकों, ठेका श्रमिकों एवं सेफ्टी वॉरियर्स से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संजय द्विवेदी, महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-एल एंड डी) श्री संजीव श्रीवास्तव तथा महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी) श्री एस के अग्रवाल सहित संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य ‘मेरा क्षेत्र, मेरी जिम्मेदारी’ (एमएएमआर) की भावना को प्रोत्साहित करना, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करना तथा ‘लाइन ऑफ फायर’ से जुड़े संभावित खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान कार्यस्थल पर मोबाइल फोन के उपयोग से बचने, सीमित स्थानों (कन्फाइंड स्पेस) में सुरक्षित तरीके से कार्य करने तथा एफआरटी हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा विषयों पर चर्चा की गई। ‘लाइन ऑफ फायर’ के अंतर्गत अनियंत्रित ऊर्जा मुक्त होने से उत्पन्न जोखिमपूर्ण स्थितियों तथा उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। साथ ही, कार्यस्थल पर संभावित खतरों की पहचान कर जोखिमों का आकलन करने और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित इस्पात उत्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रत्येक कार्मिक की सुरक्षा के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना था कि सभी कार्मिक कार्यदिवस के अंत में सुरक्षित अपने घर लौटें।

महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी) श्री एस के अग्रवाल ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुरक्षित कार्य पद्धतियों तथा सुरक्षा संबंधी प्रमुख पहलों पर प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में सुरक्षित कार्य व्यवहार को प्रोत्साहित करने, संभावित जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया गया।

लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन के दौरान निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने अधिकारियों, कार्मिकों, पर्यवेक्षकों एवं सेफ्टी वॉरियर्स से सीधे संवाद करते हुए उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षा से संबंधित अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विभिन्न कार्यक्षेत्रों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ सुरक्षा पद्धतियों के आदान-प्रदान तथा उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कार्मिकों को कार्यस्थल पर किसी भी असुरक्षित कार्य अथवा स्थिति की सूचना देने तथा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव साझा करने हेतु भी प्रोत्साहित किया। संयंत्र में शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक पाली के उपरांत हर कार्मिक की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र एवं कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति दृष्टिकोण एवं व्यवहार में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्मिक को अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा के प्रति व्यक्तिगत रूप से सतर्क एवं जिम्मेदार रहना चाहिए तथा ‘मेरा क्षेत्र, मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने ‘लाइन ऑफ फायर’ से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करने, उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करने के महत्व पर भी जोर दिया।

 

कार्यक्रम के दौरान कार्मिकों के साथ सड़क सुरक्षा उपायों, निकट-दुर्घटना की घटनाओं, कार्य अनुमति (परमिट-टू-वर्क) प्रक्रियाओं के मानकीकरण तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल को अधिक प्रभावी बनाने में टूलबॉक्स टॉक की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। संयंत्र के वक्ताओं ने इन विषयों पर अपने अनुभव एवं विचार साझा किए तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला।

 

ठेका श्रमिकों के बीच सकारात्मक सुरक्षा दृष्टिकोण विकसित करने में बीएसपी कार्मिकों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। इस संदर्भ में सभी विभागों के कार्मिकों के बीच सुरक्षा जागरूकता को निरंतर बढ़ाने तथा दैनिक कार्य पद्धतियों में सुरक्षित व्यवहार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिभागियों को संगठन के प्रत्येक स्तर पर ‘सुरक्षा सर्वोपरि’ के सिद्धांत को व्यवहार में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

 

उल्लेखनीय है कि संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस साप्ताहिक पहल की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत निदेशक प्रभारी प्रत्येक शनिवार को संयंत्र के कार्मिकों से सीधे संवाद कर सुरक्षा संबंधी विषयों पर चर्चा करते हैं तथा उनके सुझावों एवं अनुभवों के माध्यम से सुरक्षित कार्य पद्धतियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयास किए जाते हैं।

 

कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संजय द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री अनुराधा साहा ने किया।

 

Exit mobile version