रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी 40 हजार से अधिक आदिवासी महिलाओं से अरबों रुपए की ठगी का मामला अब नई दिल्ली तक पहुंच गया है। मामले में शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
यह शिकायत भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरबा समेत प्रदेश के कई इलाकों में फ्लोरामैक्स कंपनी के नाम पर NRLM से जुड़ी हजारों महिलाओं को झांसे में लिया गया। महिलाओं को आजीविका का लालच देकर उनसे बड़े पैमाने पर निवेश कराया गया और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
कंवर का कहना है कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार की योजना को असफल करने की साजिश भी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर ने इस मामले में शासन और आयोग को गलत तथा गुमराह करने वाली जानकारी भेजी।
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले में राज्य सरकार को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि 30 दिन बीतने के बाद भी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी आयोग को नहीं दी गई।
इस पर नाराजगी जताते हुए आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया और राज्य के मुख्य सचिव को 17 मार्च को नई दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने आयोग से मांग की है कि इस पूरे घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि इस ठगी के संभावित अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हो सके। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।
