लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद के सूपेबेड़ा में भले ही किडनी रोगियों की संख्या बढ़ना थमा नहीं हो पर इस गांव को लेकर बनी भ्रांतियां टूटने लगा है। दो साल पहले तक गांव में वैवाहिक कार्यक्रम नहीं होते थे, अब बेटियां विदा होने लगी है और बेटों की बारात भी धूमधाम से निकल रही है।योजनाओं की समीक्षा करने पहुंचे कलेक्टर ने सुपेबेडा पहुंच ग्रामीणों से रूबरू हुए।तेल नदी से होने वाले सामूहिक पेयजल आपूर्ति योजना, स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। महिला समूहों को सम्बल बनाने जारी योजनाओं की भी समीक्षा भी किया, रास्ते में पड़ने वाले सब्जी बाड़ियों में कृषि और उद्यानिकी की संचालित योजनाओं का भी जायजा लिया। कृषि नवाचार से किसान द्वारा उगाए गए स्ट्रॉबेरी का भी कलेक्टर ने स्वाद चखा। गांव में सुविधाओं की बढ़ोतरी और दिखे बदलवा को कलेक्टर ने कहा कि अब यहां का माहौल बदल रहा है।जल्द ही सारी चीजे सकारात्मक होंगी।