रायपुर। मुंबई की धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्निर्माण मॉडल को अब राजधानी में लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-अर्बन) के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) मॉडल में शहर की प्रमुख झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों का यथास्थान (इन-सीटू) पुनर्निर्माण प्रस्तावित किया गया है। डगनिया, आमापारा, अमरपुरी, भीम नगर और उत्कल नगर सहित कुल लगभग 19.19 हेक्टेयर बेशकीमती शहरी भूमि पर जी 6 और जी 8 बहुमंजिला ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाएंगे।
योजना के अनुसार स्लम भूमि का एक हिस्सा गरीबों के पक्के मकानों के लिए और शेष निजी बिल्डर को व्यावसायिक उपयोग के लिए दिया जाएगा। कुल 4,044 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के निर्माण पर करीब 232 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शासन को भेज दिया गया है।
